महोबा। जिले में किसानों की समस्याओं और विभिन्न विभागों में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय हलधर किसान यूनियन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने कबरई बांध से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने, नवीन गल्ला मंडी चालू कराने, खाद वितरण में अनियमितताओं पर रोक लगाने, गोशालाओं की व्यवस्था सुधारने और खरीफ फसल के नुकसान की भरपाई करने सहित कई मांगें उठाईं। यूनियन ने समस्याओं का सात दिनों के भीतर समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हैं किसान
यूनियन ने ज्ञापन में कहा कि महोबा जिला पिछले करीब दस वर्षों से सूखा, ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है। इसके बावजूद किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। बुंदेलखंड में खेती की बढ़ती लागत और सीमित सरकारी सहायता के कारण किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कबरई बांध प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग
यूनियन ने कबरई बांध से प्रभावित गांवों के विस्थापन और प्रभावित परिवारों को कृषि भूमि सहित उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। संगठन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए प्रशासन को जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक और सामाजिक परेशानियों से राहत मिल सके।
नवीन गल्ला मंडी चालू कराने पर जोर
ज्ञापन में महोबा की नवीन गल्ला मंडी को विशिष्ट मंडी सुपर बाजार के रूप में विकसित कर नियमित रूप से संचालित कराने की मांग भी उठाई गई। यूनियन ने कहा कि मंडी चालू होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलेगी। साथ ही बिचौलियों के माध्यम से होने वाले संभावित आर्थिक शोषण पर अंकुश लगाने और सरकारी राजस्व के नुकसान को रोकने में मदद मिलेगी।
खाद वितरण में अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग
यूनियन ने जिले में खाद की किल्लत और वितरण व्यवस्था में कथित अनियमितताओं पर चिंता जताई। संगठन ने खाद की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने पर रोक लगाने के लिए विशेष टीम गठित करने की मांग की। साथ ही सहकारी समितियों के माध्यम से समय पर खाद उपलब्ध कराने और निजी दुकानों पर किसानों की भीड़ व परेशानी कम करने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की बात कही।
गोशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग
ज्ञापन में गोशालाओं में गोवंश के लिए पर्याप्त भूसा, चारा और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। यूनियन ने गोवंश की संख्या के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराने तथा गोबर से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देकर गोशालाओं से जुड़े लोगों के लिए आय के अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया।
मूंगफली की फसल के नुकसान की भरपाई हो
यूनियन ने खरीफ सीजन में मूंगफली की फसल को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। संगठन के अनुसार, मूंगफली जिले की प्रमुख फसलों में शामिल है और इससे किसानों को अच्छी आय की उम्मीद रहती है। ऐसे में प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए फसल क्षति का निष्पक्ष आकलन कराकर उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
सात दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
भारतीय हलधर किसान यूनियन ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर सात दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू करेंगे। यूनियन ने इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

