सातनपुर में निर्माणाधीन आरआरसी सेंटर की गुणवत्ता पर सवाल, ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई

बहरिया, प्रयागराज। गांवों को स्वच्छ और कूड़ा मुक्त बनाने के उद्देश्य से बनाए जा रहे आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) सेंटर के निर्माण को लेकर बहरिया विकासखंड के सातनपुर गांव में सवाल उठने लगे हैं। निर्माणाधीन सेंटर की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि आरआरसी सेंटर के लिए जिस स्थान पर पहले फाउंडेशन तैयार किया गया था, उसकी गुणवत्ता को लेकर पूर्व में शिकायतें सामने आई थीं। शिकायत के बाद तत्कालीन खंड विकास अधिकारी ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था। ग्रामीणों के अनुसार, अब उसी स्थान पर दोबारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में लोगों ने सवाल उठाया है कि पूर्व में निर्माण रोकने के बाद बिना स्पष्ट जांच और तकनीकी सत्यापन के उसी स्थान पर निर्माण कार्य दोबारा कैसे शुरू किया गया।

निर्माण सामग्री और नींव की जांच की मांग

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि आरआरसी सेंटर का निर्माण सरकारी योजना के तहत कराया जा रहा है, इसलिए इसकी नींव से लेकर भवन निर्माण तक निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन होना जरूरी है।

ग्रामीणों ने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने के साथ पुराने फाउंडेशन और वर्तमान निर्माण का तकनीकी परीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।

निर्माण स्थल की जमीन को लेकर भी उठे सवाल

निर्माण स्थल की जमीन को लेकर भी ग्रामीणों ने आशंका जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सेंटर के आगे की जमीन को घेरकर कब्जे में लेने तथा पीछे की भूमि पर दूसरे ग्रामसभा क्षेत्र के लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की आशंका के बीच निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के साथ जमीन की भी राजस्व अभिलेखों के आधार पर पैमाइश और सीमांकन कराया जाए, ताकि भविष्य में सरकारी भूमि को लेकर किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

जिलास्तरीय जांच की मांग

ग्रामीणों ने जिलास्तरीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मौके पर तकनीकी टीम भेजकर पुराने फाउंडेशन और वर्तमान निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण सामग्री के नमूने लेकर उनका परीक्षण कराया जाए और निर्माण स्थल की भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन से संचालित योजना में निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। यदि निर्माण मानकों के अनुरूप है तो जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और यदि किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल सातनपुर गांव में निर्माणाधीन आरआरसी सेंटर स्वच्छता व्यवस्था के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता और भूमि की स्थिति को लेकर चर्चा में है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles