सोनभद्र। माची थाना क्षेत्र के दरेव, देवहार गांव में 45 वर्षीय लक्ष्मी सिंह खरवार पुत्र दीनबंधु ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, पुलिस ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए आत्महत्या का कारण पारिवारिक कलह और मृतक की नशे की आदत बताया है।
दवा वितरण को लेकर हुई थी कहासुनी
परिजनों के अनुसार गांव में एक संस्था की एंबुलेंस दवा वितरण के लिए पहुंची थी। लक्ष्मी सिंह दवा लेने गए थे। दवा की गुणवत्ता और उपलब्धता को लेकर उनकी स्वास्थ्य कर्मियों से कहासुनी हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से माची थाने को सूचना दिए जाने की बात सामने आई है।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप
मृतक की पत्नी गीता देवी और 17 वर्षीय बेटी मनीषा ने आरोप लगाया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लक्ष्मी सिंह के साथ मारपीट की। परिजनों का आरोप है कि शाम को पुलिस दोबारा घर पहुंची और उनके साथ मारपीट करते हुए गांव में नहीं रहने देने की बात कही। परिजनों के मुताबिक, इसी घटना के बाद लक्ष्मी सिंह ने फांसी लगा ली। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय की मांग की है।
परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा
लक्ष्मी सिंह अपने पीछे पत्नी गीता देवी, इंटर की छात्रा बेटी मनीषा, 15 वर्षीय बेटे कृष्ण प्रताप और 13 वर्षीय बेटे जगदू को छोड़ गए हैं। परिजनों के अनुसार परिवार में अब कमाने वाला कोई सदस्य नहीं है। परिवार ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार
माची थाना प्रभारी चंद्रशेखर सिंह ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि लक्ष्मी सिंह नशे के आदी थे और पारिवारिक कलह के चलते उन्होंने आत्महत्या की। पुलिस के अनुसार घटना में पुलिस की ओर से प्रताड़ना या मारपीट के आरोप सही नहीं हैं।

