व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, अभिलेख उपलब्ध कराने की उठाई मांग
संतकबीरनगर। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर व्यापारियों से संबंधित आरसी की वसूली पर तत्काल रोक लगाने और कर निर्धारण की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
व्यापार मंडल के प्रांतीय उपाध्यक्ष अमित जैन, प्रदेश महामंत्री (संगठन)/जिलाध्यक्ष श्रवण अग्रहरि और विनीत चड्ढा ने कहा कि कई व्यापारियों को उनके कर निर्धारण का स्पष्ट आधार और संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। पदाधिकारियों के अनुसार, कुछ मामलों में पूरी पत्रावली मांगे जाने पर व्यापारियों को केवल वसूली रजिस्टर दिखाए जाने की बात सामने आई है।
संगठन ने मांग की कि कर निर्धारण से संबंधित मूल आदेश, मूल्यांकन का आधार, निरीक्षण रिपोर्ट और गणना संबंधी अभिलेख स्पष्ट किए जाएं। व्यापार मंडल ने प्रत्येक संबंधित व्यापारी को मूल कर निर्धारण अथवा मूल्यांकन आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की भी मांग की।
नोटिस और सुनवाई प्रक्रिया की जांच की मांग
व्यापार मंडल ने कर निर्धारण से जुड़े नोटिस, आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही Assessment List, मूल्यांकन विवरण, निरीक्षण एवं मापन रिपोर्ट, गणना-पत्र, लागू दर, शासनादेश तथा संबंधित वैधानिक प्रावधानों की जांच कराए जाने की मांग रखी गई।
प्रांतीय उपाध्यक्ष अमित जैन ने कहा कि व्यापारी वैध कर का भुगतान करने से पीछे नहीं हैं, लेकिन कर निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले कर निर्धारण के आदेश और उसके आधार को स्पष्ट किया जाए, इसके बाद ही वसूली की कार्रवाई की जाए।
प्रदेश महामंत्री (संगठन)/जिलाध्यक्ष श्रवण अग्रहरि ने कहा कि व्यापारियों को उनके कर निर्धारण से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि वे अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रख सकें। उन्होंने जांच पूरी होने तक कठोर वसूली कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

