गाजीपुर। वाराणसी में प्रस्तावित भारतीय वायुसेना के भव्य एयर शो को लेकर गाजीपुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। एयर शो के मद्देनजर जिले की अंधऊ हवाई पट्टी को अस्थायी एयरबेस के रूप में तैयार किया जा रहा है। यहां भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए हवाई पट्टी की मरम्मत, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
17 अक्टूबर को पहुंच सकते हैं वायुसेना के हेलीकॉप्टर
एयर शो की तैयारियों से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टरों के 17 अक्टूबर को अंधऊ हवाई पट्टी पर पहुंचने की संभावना है। इनके 27 अक्टूबर तक यहां रहने की जानकारी सामने आई है। हेलीकॉप्टरों की तैनाती को देखते हुए हवाई पट्टी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है।
हवाई पट्टी की मरम्मत और सुरक्षा पर जोर
एयर शो की तैयारियों के तहत अंधऊ हवाई पट्टी की साफ-सफाई और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। परिसर की चारदीवारी और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वायुसेना की गतिविधियों को देखते हुए संबंधित विभाग तैयारियों में जुटे हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर हवाई पट्टी परिसर में आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई जा रही है, ताकि सैन्य विमानों और हेलीकॉप्टरों की आवाजाही के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बनी थी अंधऊ हवाई पट्टी
गाजीपुर-मऊ मार्ग पर स्थित अंधऊ हवाई पट्टी का निर्माण द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आपातकालीन लैंडिंग के उद्देश्य से किया गया था। इसका रनवे लगभग 4,800 फीट लंबा है। लंबे समय से सीमित उपयोग में रही इस हवाई पट्टी पर अब वाराणसी एयर शो की तैयारियों के कारण गतिविधियां बढ़ गई हैं।
पूर्वांचल में एयर शो को लेकर उत्साह
वाराणसी में गंगा के ऊपर आयोजित होने वाले एयर शो में भारतीय वायुसेना के विमान और हेलीकॉप्टर अपने हवाई कौशल का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन को लेकर वाराणसी के साथ गाजीपुर और आसपास के जिलों में भी उत्सुकता है। अंधऊ हवाई पट्टी पर हेलीकॉप्टरों की तैनाती से जिले में वायुसेना की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
एयर शो की तैयारियों के बीच अंधऊ हवाई पट्टी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। अब सभी की निगाहें आयोजन की तैयारियों और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की प्रस्तावित तैनाती पर टिकी हैं।

