देवरिया। रामेश्वर तिवारी हत्याकांड के बाद फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस को शनिवार देर रात बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है। लार थाना क्षेत्र के सुतावर मोड़ के पास पुलिस और एक आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, रोकने का प्रयास करने पर आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज देवरिया भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक घायल आरोपी की पहचान दीपक तिवारी के रूप में हुई है। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही एसपी अभिजीत आर. शंकर, एएसपी सुनील कुमार सिंह और सीओ सलेमपुर गौरव सिंह समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस टीम से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
भीकमछपरा गांव में चौथे दिन भी पुलिस तैनात
हत्याकांड के चौथे दिन भी भीकमछपरा गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात है और आरोपियों के घरों के साथ आसपास के इलाकों पर निगरानी रखी जा रही है। परिजन और ग्रामीण आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे। इसके बाद लार थानाध्यक्ष राकेश सिंह, दरोगा राममूरत समेत बीट से जुड़े पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
आरोपियों की जमीन की पैमाइश शुरू
हत्याकांड के बाद प्रशासन ने आरोपियों की संपत्ति और सरकारी जमीन पर कथित कब्जे की शिकायतों की जांच भी शुरू कर दी है। एसडीएम सलेमपुर क्षितिज द्विवेदी के निर्देश पर रविवार को राजस्व निरीक्षक रामएकबाल विश्वकर्मा के नेतृत्व में नौ लेखपालों की टीम भीकमछपरा गांव पहुंची और ग्रामसभा की जमीन की पैमाइश शुरू की।
ग्रामीणों का आरोप है कि हत्याकांड के आरोपियों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान का निर्माण कराया है। हालांकि इस आरोप की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन के अनुसार पैमाइश पूरी होने के बाद रिपोर्ट एसडीएम सलेमपुर को सौंपी जाएगी।
यदि जांच में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में संभावित कार्रवाई को लेकर भी चर्चा बनी हुई है।
10 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा
पुलिस के अनुसार रामेश्वर तिवारी हत्याकांड में संजय तिवारी पुत्र श्यामनारायण तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी पुत्र स्वर्गीय विनोद तिवारी, अभिनीत तिवारी, आदित्य तिवारी पुत्र संजय तिवारी, निखिल तिवारी पुत्र उत्तम तिवारी समेत 10 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। वहीं मुठभेड़ में एक आरोपी की गिरफ्तारी और राजस्व टीम द्वारा जमीन की पैमाइश शुरू किए जाने के बाद मामले में प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज हो गई है।
परिजनों और ग्रामीणों की निगाह अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तथा राजस्व जांच की रिपोर्ट पर टिकी है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

