बीकेटी, लखनऊ। तहसील बख्शी का तालाब में उपजिलाधिकारी आकाश कुमार पर अधिवक्ता कमलेन्द्र कुमार के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने के आरोपों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मामले के विरोध में बीकेटी बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने तीन दिनों तक न्यायिक एवं अन्य कार्यों से विरत रहकर विरोध जताया।
मामले की जांच के लिए बार एसोसिएशन ने अब 11 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति में डीपी सिंह, राजेन्द्र कुमार यादव (राजेश), चन्द्रकान्त शुक्ला, सत्येन्द्र सिंह, राम प्रकाश यादव, छंगाराम वर्मा, राजेश भारती, अमरेन्द्र रावत, पौरूष सिंह, मो. शोएब और सोनू गौतम को शामिल किया गया है।
बार एसोसिएशन के अनुसार जांच समिति मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट एसोसिएशन के समक्ष प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद उसका परीक्षण किया जाएगा और आगे की कार्रवाई के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
अधिवक्ता कमलेन्द्र कुमार ने आरोप लगाया है कि वह एक मुकदमे के संबंध में जानकारी लेने गए थे, जहां उनके साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। उनका आरोप है कि बाद में उन्हें चैंबर में बुलाकर गाली-गलौज और अपशब्द कहे गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका सीओपी एवं आई-कार्ड अपने पास रख लिया गया तथा लाइसेंस निरस्त कराने की बात कही गई।
हालांकि, इन आरोपों को लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में जांच समिति के सामने घटना से जुड़े तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है।
यदि घटना के समय संबंधित स्थान पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय थे, तो उपलब्ध फुटेज को सुरक्षित कर उसकी जांच भी महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की जांच से भी मामले की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
अब सभी की नजरें 11 सदस्यीय जांच समिति की जांच प्रक्रिया और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं। समिति की रिपोर्ट के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।

