भाटपार रानी, देवरिया। नगर पंचायत भाटपार रानी के रानी पोखरे का पानी निकालने के दौरान एक घनी आबादी वाले मोहल्ले में जलभराव होने का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि पिछले दो दिनों से रात के अंधेरे में बड़े पंप की मदद से पोखरे के दक्षिण स्थित जलमग्न क्षेत्र से पानी निकालकर उनके मोहल्ले की ओर छोड़ा जा रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी निकासी के संबंध में पूछताछ करने पर वहां काम कर रहे कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों के आदेश का हवाला दिया। हालांकि, लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों से बात कराने का अनुरोध करने पर भी कोई संपर्क नहीं कराया गया। मोहल्लेवासियों ने सवाल उठाया है कि पोखरे या जलमग्न क्षेत्र का पानी घनी आबादी वाले इलाके में छोड़े जाने से आम लोगों को हो रही परेशानी की जिम्मेदारी कौन लेगा।
सड़क और नाली की समस्या से भी जूझ रहे लोग
निवासियों का कहना है कि मोहल्ले में पहले से ही बुनियादी सुविधाओं की कमी है। आरोप है कि नगर पंचायत की ओर से सड़क और नाली निर्माण की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा मुख्य मार्ग और शिव मंदिर रोड की नालियों से निकलने वाला बदबूदार गंदा पानी भी पिछले कई महीनों से कॉलोनी में गिर रहा है। इससे जलभराव और गंदगी की समस्या और गंभीर हो गई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मोहल्ले में पानी भरने से बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। उन्हें गिरने और पानी में डूबने का खतरा बना रहता है। वहीं, बुजुर्गों और महिलाओं को भी घरों से बाहर निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जलनिकासी की मांग, आंदोलन की चेतावनी
मोहल्लेवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन से पानी की निकासी तत्काल रोकने और क्षेत्र में जमा पानी निकालने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे जल सत्याग्रह करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।
फिलहाल, इस मामले में नगर पंचायत प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासन की प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

