पुरी (ओडिशा)। विश्व प्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। मंगल आरती के समय मंदिर के ऊपर ड्रोन उड़ने की घटना सामने आई है। मंदिर जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थल के ऊपर ड्रोन दिखाई देने से सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मंगल आरती के समय दिखा ड्रोन
जानकारी के अनुसार, मंदिर में मंगल आरती के दौरान ड्रोन उड़ता दिखाई दिया। मंदिर परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन के अनधिकृत संचालन को गंभीरता से लिया जाता है। ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और प्रतिबंधों के प्रभावी पालन पर ध्यान खींचा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जगन्नाथ मंदिर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर के ऊपर बार-बार ड्रोन उड़ने की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे मामलों में ड्रोन संचालक की पहचान करना और यह पता लगाना जरूरी होता है कि ड्रोन उड़ाने के पीछे क्या उद्देश्य था।
जांच और निगरानी जरूरी
मंदिर जैसे संवेदनशील स्थल के आसपास ड्रोन उड़ाने पर लागू प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करना सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता है। घटना के संबंध में ड्रोन संचालक की पहचान, उड़ान के उद्देश्य और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच महत्वपूर्ण होगी। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए निगरानी और समन्वय पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

