देवरिया। जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पिछले दो दिनों से पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई थी।
खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया। देवरिया समेत पूर्वांचल के कई जिलों में भी प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए।
खेतों में गिरी धान की तैयार फसल
बारिश और तेज हवाओं का असर किसानों पर भी दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर तेज हवा के कारण धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई है। लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण पकने की स्थिति में पहुंच चुकी धान की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि यदि बारिश और तेज हवा का सिलसिला जारी रहा तो तैयार फसल प्रभावित हो सकती है, जिससे उत्पादन के साथ उनकी आय पर भी असर पड़ने की चिंता है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और हवाओं से खड़ी फसलों को नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं।
बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा असर
तेज हवाओं और बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कई जगह बिजली के तार और विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। इससे पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हुए।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से कुछ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं को लेकर भी लोगों ने परेशानी की शिकायत की। इससे ऑनलाइन काम, डिजिटल भुगतान और सरकारी ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हुए।
स्कूलों में घोषित किया गया अवकाश
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में विद्यालय बंद रखने के आदेश जारी किए गए। गोरखपुर में 26 सितंबर को कक्षा एक से 12वीं तक के सभी विद्यालय बंद रखने का आदेश जारी हुआ था।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 27 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई थी।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
लगातार बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे न खड़े होने तथा मौसम खराब होने की स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
बारिश का असर ग्रामीण जनजीवन, खेती, बिजली आपूर्ति और आवागमन पर दिखाई दे रहा है। अब किसानों और ग्रामीणों की नजर मौसम के अगले रुख पर टिकी है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो धान समेत अन्य फसलों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

