महन्त भगवत विशाल इंटरकॉलेज कॉलेज कदौरा जनपद जालौन में मनाया गया संविधान दिवस !

भारत सरकार, शासन एवं विभाग के निर्देशानुसार आज दिनांक 26 नवंबर 2024 दिन मंगलवार को प्रातः 11:00 बजे महन्त भगवत विशाल इंटर कॉलेज कदौरा जनपद जालौन में भारतीय संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया गया समारोह की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास कुमार सिंह द्वारा कदौरा नगर पंचायत अध्यक्षा श्रीमती अर्चना रविकांत शिवहरे एवं उनके पति श्री रवि कान्त शिवहरे एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार एवं डॉ रमाकांत यादव संविधान निर्माता विश्व रतन ज्ञान के प्रतीक बोधिसत्व डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा एवं चित्र पर पर माल्यार्पण पुष्पांजलि एवं कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की तत्पश्चात नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री रवि शिवहरे ने संविधान दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे देश का संविधान सबसे बड़ा संविधान है और यह विश्व के सभी देशों के संविधान का मिश्रण है जिसके अनुसार हमारा देश उसी के नियम कानून के अनुसार चल रहा है साथ ही यह भी कहा कि सभी बच्चों को अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए जो बच्चे शिक्षकों का सम्मान नहीं करते हैं वह आगे नहीं बढ़ सकते हैं सूर्यवंशम पिक्चर में कहा गया है कि जो पत्थर छेनी हथौड़ी की मार से डर जाए वह कभी मूरत नहीं बन सकता और जो खेत हल चलाने से रोने लगे उसमें कभी अनाज पैदा नहीं हो सकता इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार ने अपने विचारों में कहा गया कि यदि हमारे देश में डॉ भीमराव अंबेडकर जैसे विद्वान का जन्म न होता तो आज भी हमारा समाज वही होता जहां पहले था विश्व रतन ज्ञान के प्रतीक डॉ भीमराव अंबेडकर जी द्वारा देश के सबसे बड़े नियम कानून का संग्रह करके संविधान का निर्माण किया जिसके अनुसार आज हमारा देश चल रहा है और यह कानून सभी के लिए समान् है जब उन्होंने सभी के लिए समान कानून बनाए हैं सभी इसका पालन भी करते हैं और सभी को इसी के अनुसार चलना पड़ता है जो इसके अनुसार नहीं चलता है तो उसे इसी संविधान के नियम कानून के अनुसार दंड संहिता के अनुसार उसको सजा दी जाती है

इसी क्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास कुमार सिंह द्वारा संविधान दिवस पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि हमारे देश का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो गया था आज के दिन केवल 16 आर्टिकल लागू किये गये थे और शेष आर्टिकल 26 जनवरी 1950 को लागू किये गये थे संविधान सभा द्वारा डॉ राजेंद्र प्रसाद को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया था भारतीय संविधान विश्व के सभी देशों का सबसे विस्तृत संविधान है इसमें सभी देशों के संविधान का मिश्रण भी है हमारे देश के संविधान निर्माता द्वारा हमारे देश को अच्छे सूत्रों से बांधने के लिए उन्होंने जिस देश के जो नियम अच्छे थे उनको वहां से लाकर भारतीय संविधान में उकेर कर सम्मिलित किया जो आज हम सबके समक्ष हैं हमारे देश का संविधान कठोर एवं लचीला संविधान है जब संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर जी द्वारा विश्व के सभी देशों के संविधान से अच्छे-अच्छे नियम कानूनो का संग्रह करके भारतीय संविधान में सम्मिलित किया तो मैं प्रधानाचार्य होने के नाते आप सभी छात्र-छात्राओं से अनुरोध करता हूं कि आप भी अपने विद्यालय के साथ-साथ अन्य सभी विद्यालयों की अच्छाइयों को वहां के अच्छे नियमों को अपने सहगामी पाठ्यक्रम एवं अनुशासन में सम्मिलित करें और उनका पालन करें भारत सरकार द्वारा 26 नवंबर 2015 को प्रथम बार संविधान दिवस मनाए जाने का आदेश पारित किया गया तभी से भारतीय संविधान दिवस मनाया जा रहा है और आज हम 76वां संविधान दिवस मना रहे हैं हमारे देश के संविधान को बनने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा था और लगभग 64 लाख रुपए खर्च हुए थे डॉ भीमराव अंबेडकर जी इस समिति के प्रारूप समिति ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष थे जिसका अर्थ होता है

संविधान का निर्माण / लिखने वाली समिति डॉ भीमराव अंबेडकर विश्व के सबसे बड़े विद्वान थे आज तक उनकी बराबरी का कोई विद्वान अभी तक नहीं हुआ है और वह अपने दोनों हाथों से लिखा करते थे डॉ भीमराव अंबेडकर जी द्वारा देश के सभी व्यक्तियों के लिए सभी समाज के लिए जानवरों के लिए कीड़े मकोड़े के लिए पेड़ पौधों के लिए जमीन के लिए खेत के लिए यानी की दुनिया में जितनी भी चीजें हैं सभी को भारतीय संविधान के नियम कानून में बांधकर रखा समाहित किया और उसका पालन करने के लिए कानून बनाये जब उन्होंने सभी के लिए समान कानून समान नियम बनाए हैं तब भी लोग उन्हें एक निश्चित समाज का व्यक्ति कह देते हैं जबकि उनके मन में किसी भी प्रकार की कोई ऐसी कार्य शैली नहीं थी लोग उन्हें भले ही एक निश्चित समाज का कहकर अलग हो जाते हैं लेकिन उन्हें भी उन्हें उन्हीं के द्वारा बनाए गए संविधान के नियमों का पालन करना होता है चाहे वह चाहे या न चाहे उनके न चाहते हुए भी उनको उसे कानून के दायरे में रहना पड़ेगा और उसी के अनुसार चलना पड़ेगा यह देश का संविधान है उसी क्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास कुमार सिंह ने अपने व्याख्यान में भारतीय संविधान के बारे में विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश अनेकों उत्तर प्रदेश सिर्फ एक विद्यालय अनेकों महन्त भगवत विशाल सिर्फ एक शासन अनेकों अनुशासन सिर्फ एक देश अनेकों भारत देश सिर्फ एक संविधान अनेकों लेकिन भारतीय संविधान सिर्फ एक संविधान दिवस मनाया जाने के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अर्चना शिवहरे नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविकांत शिवहरे कदौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विनोद कुमार डॉक्टर रमाकांत यादव विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास कुमार सिंह कार्यालय अधीक्षक अनीश बेग मुख्य अनुशासन अधिकारी पृथ्वीपाल अहिरवार बालिका वर्ग की मुख्य अनुशासन अधिकारी अंजुली विनोद सिंह मीडिया प्रभारी मनीष कुमार गृह परीक्षा प्रभारी मनोज कुमार वर्मा राकेश कुमार बृजेंद्र सिंह परमेंद्र कुमार रजनी गुप्ता श्रेष्ठा बाथम पवन कुमार शिवकुमार भगवान दीन विवेक कुमार कृष्ण कुमार राधा कृष्ण योगेंद्र कुमार राजेश कुमार सेवा प्रसाद जगदीश कैलाश आदि लक्ष्मी देवी रानी देवी संतो देवी कुसुम कली बदरुजजमा आदि शिक्षक शिक्षिकाएं कर्मचारी रसोईया एवं नन्हे मुन्ने प्यारे-प्यारे फूल जैसे रंग-बिरंगे फूल जैसे छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे

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