नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। केंद्र सरकार की ओर से चार राज्यों में जनगणना के कार्यक्रम में बदलाव किए जाने के बाद संकेत मिल रहे हैं कि इन राज्यों में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 के आसपास कराए जा सकते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने अभी मतदान की तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
चार राज्यों में दिसंबर से शुरू होगी जनगणना
केंद्र की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के गैर-बर्फीले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक कराई जाएगी। इसके बाद 5 से 9 जनवरी तक पुनरीक्षण का चरण होगा। इन क्षेत्रों में 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
पहले इन राज्यों में जनसंख्या गणना का कार्यक्रम फरवरी 2027 के आसपास होना था। इसे आगे करने के फैसले को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
चुनाव और जनगणना के काम में टकराव से बचने की कोशिश
जनगणना और विधानसभा चुनाव दोनों ही बड़े प्रशासनिक अभियानों में सरकारी कर्मचारियों की व्यापक तैनाती होती है। ऐसे में दोनों प्रक्रियाओं के एक ही समय पर होने से प्रशासनिक स्तर पर अतिरिक्त दबाव पैदा हो सकता है।
जनगणना का काम जनवरी की शुरुआत तक पूरा करने से चुनावी प्रक्रिया के दौरान सरकारी मशीनरी को अपेक्षाकृत आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा। यही वजह है कि जनगणना के कार्यक्रम में बदलाव को 2027 के विधानसभा चुनावों की संभावित टाइमलाइन से जोड़कर देखा जा रहा है।
फरवरी-मार्च में चुनाव की क्यों बन रही संभावना?
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गोवा की मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल 2027 की शुरुआत में समाप्त होने वाला है। ऐसे में संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव कराना जरूरी होगा। मौजूदा परिस्थितियों में फरवरी-मार्च 2027 चुनाव के लिए संभावित अवधि मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा का कार्यकाल मई 2027 में समाप्त होना है, लेकिन चुनाव उससे पहले कराए जा सकते हैं। वहीं पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त होने वाला है।
मणिपुर की स्थिति थोड़ी अलग
मणिपुर भी उन पांच राज्यों में शामिल है जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि, जनगणना के कार्यक्रम में मणिपुर को लेकर अलग स्थिति है। राज्य में हाउस-लिस्टिंग प्रक्रिया फिलहाल टाल दी गई है। इसके बावजूद मणिपुर को आगामी चुनावी राज्यों की सूची में रखा गया है।
अभी चुनाव कार्यक्रम का इंतजार
इन घटनाक्रमों से फरवरी-मार्च 2027 में चुनाव होने की संभावना मजबूत होती दिखाई दे रही है, लेकिन अंतिम चुनाव कार्यक्रम भारत निर्वाचन आयोग ही जारी करेगा। मतदान कितने चरणों में होगा, नामांकन कब शुरू होगा और मतगणना की तारीख क्या होगी, इन सभी सवालों का जवाब चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही मिलेगा।
फिलहाल जनगणना की नई समय-सारणी ने पांचों राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है और पार्टियां भी चुनावी तैयारियों को लेकर अपनी रणनीति बनाने में जुट सकती हैं।

