नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
पूर्वी यूपी में तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 9 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 7 सितंबर को कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। इससे संकेत मिलता है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर एक जैसा नहीं रहेगा।
उत्तराखंड में बारिश के साथ बढ़ा लैंडस्लाइड का खतरा
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 7 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। इसके बाद भी कई दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी सड़कों पर मलबा आने, भूस्खलन और निचले क्षेत्रों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा बना रह सकता है।
दिल्ली के लिए फिलहाल कोई विशेष चेतावनी नहीं
दिल्ली-एनसीआर को लेकर मौसम विभाग के 7 सितंबर के ताजा उपखंडीय पूर्वानुमान में कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव और बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
कई राज्यों में सक्रिय रहेगा मानसून
IMD के ताजा ऑल इंडिया बुलेटिन के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। उत्तराखंड के अलावा पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और कुछ मध्य भारतीय क्षेत्रों में भी व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग ने संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहेगा।
प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
लगातार बारिश वाले इलाकों में प्रशासन को जलनिकासी व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वहीं लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
नोट: बारिश और चेतावनी की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए किसी खास जिले की यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखना चाहिए।

