हैदराबाद। तेलंगाना हाईकोर्ट ने खैरताबाद से विधायक दानम नागेंद्र को दलबदल विरोधी कानून के तहत विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। अदालत ने विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार के उस फैसले को भी निरस्त कर दिया, जिसमें नागेंद्र के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज किया गया था।
मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जीएम मोहिउद्दीन की पीठ ने कहा कि नागेंद्र की विधानसभा सदस्यता 23 अप्रैल 2024 से अयोग्य मानी जाएगी। इसी तारीख को उन्होंने सिकंदराबाद लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। अदालत के आदेश के बाद खैरताबाद विधानसभा सीट रिक्त मानी जाएगी और इस पर आगे चुनावी प्रक्रिया होगी।
दानम नागेंद्र ने 2023 का तेलंगाना विधानसभा चुनाव खैरताबाद सीट से भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के टिकट पर जीता था। इसके बाद उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव सिकंदराबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में लड़ा था। उनकी अयोग्यता को लेकर बीआरएस विधायक पी. कौशिक रेड्डी और भाजपा विधायक ए. महेश्वर रेड्डी ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं।
हाईकोर्ट का यह फैसला विधानसभा अध्यक्ष के 11 मार्च 2026 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आया है। अदालत ने अध्यक्ष के निष्कर्ष को खारिज करते हुए नागेंद्र के मामले में संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता लागू मानी।

