शिमला। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज घाटी स्थित सुचैहण पंचायत के नूहाडा वाटरफॉल क्षेत्र में शुक्रवार को बादल फटने से भारी बारिश और मलबे के कारण कई स्थानों पर नुकसान हुआ। तेज बहाव की चपेट में आने से करीब छह पुलियां बह गईं, जबकि गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए।
बादल फटने के बाद क्षेत्र में पेयजल योजनाओं की पाइपलाइनों को भी नुकसान पहुंचा है। वाटरफॉल क्षेत्र में बड़ी मात्रा में मलबा जमा होने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सुचैहण पंचायत के प्रधान धर्मपाल ठाकुर ने क्षतिग्रस्त पुलियों, रास्तों और पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने की मांग की है।
मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालु की मौत
वहीं, चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा के दौरान डल झील के समीप एक श्रद्धालु की अत्यधिक ठंड के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान 82 वर्षीय जयराम शर्मा निवासी कलरबत्ता, किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, जयराम शर्मा पारंपरिक छड़ी जत्थे के साथ मणिमहेश पहुंचे थे। बुधवार रात तापमान गिरने और ठंड बढ़ने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी श्रद्धालुओं और सेवादारों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
इस बीच हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी के बाद सुबह-शाम ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार 19 सितंबर को कुल्लू में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

