जमुई, बिहार। जिले के खैरा में नवरात्र के अवसर पर आयोजित डांडिया उत्सव को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। पारंपरिक संगीत, रंग-बिरंगे परिधानों और डांडिया की थाप ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। इस आयोजन को और भव्य स्वरूप देने की दिशा में जमुई के सांसद अरुण भारती की ओर से इसे महोत्सव के रूप में विकसित करने की घोषणा की खबर सामने आई है।
डांडिया की थाप पर झूमे लोग
खैरा स्थित मां दुर्गा मंदिर परिसर में मां दुर्गा पूजा शांति समिति की ओर से डांडिया-गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं और युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में झंकार डांस एकेडमी के कलाकारों ने भी आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। संगीत और नृत्य के बीच मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। आयोजन में स्थानीय लोगों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
सांसद अरुण भारती ने जताई महोत्सव के रूप में विकसित करने की मंशा
खैरा के डांडिया आयोजन को बड़े सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में विकसित करने की पहल को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। सांसद अरुण भारती द्वारा इस आयोजन को महोत्सव का स्वरूप देने की घोषणा की खबर से स्थानीय लोगों में उत्सुकता बढ़ी है।
यदि इस पहल को आगे बढ़ाया जाता है, तो इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने के साथ स्थानीय कलाकारों और प्रतिभागियों को भी मंच मिल सकता है।
सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने की पहल
नवरात्र के दौरान आयोजित डांडिया और गरबा जैसे कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोक संस्कृति और सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा देते हैं। खैरा में हुए इस आयोजन ने लोगों को एक मंच पर लाने और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का अवसर दिया।
स्थानीय स्तर पर इस तरह के आयोजनों को व्यापक स्वरूप देने की पहल से क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

