सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सप्ताह के दौरान दोनों कीमती धातुओं पर दबाव रहा और चांदी के भाव में तो महज दो कारोबारी दिनों में ₹8,175 प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। सोने की वायदा कीमत भी इसी दौरान ₹4,633 प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ गई।
हालांकि सप्ताह के अंत में कीमतों में कुछ सुधार भी देखने को मिला। 4 सितंबर को दिल्ली बुलियन मार्केट में 99.9 फीसदी शुद्ध सोना ₹3,400 बढ़कर ₹1,59,500 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹5,000 बढ़कर ₹2,40,500 प्रति किलोग्राम पहुंच गई।
दो दिन में ₹8 हजार से ज्यादा सस्ती हुई चांदी
MCX पर चांदी में इस सप्ताह जोरदार गिरावट देखने को मिली। 31 अगस्त को चांदी का वायदा भाव ₹2,33,841 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। 2 सितंबर को यह घटकर करीब ₹2,25,666 प्रति किलोग्राम रह गया। यानी दो कारोबारी दिनों में कीमत ₹8,175 प्रति किलोग्राम घट गई।
इस गिरावट के बाद चांदी अपने जनवरी 2026 के रिकॉर्ड हाई ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम से करीब ₹1.94 लाख नीचे आ चुकी थी।
सोना भी हुआ सस्ता
चांदी के साथ सोने पर भी बिकवाली का दबाव रहा। 31 अगस्त को MCX पर 5 अक्टूबर एक्सपायरी वाले सोने का भाव ₹1,54,460 प्रति 10 ग्राम था। 2 सितंबर को यह करीब ₹1,49,827 तक आ गया। इस तरह दो कारोबारी दिनों में सोने की कीमत में ₹4,633 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज हुई।
आखिर क्यों गिरे सोने-चांदी के भाव?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव का एक प्रमुख कारण अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़े रहे। अगस्त में अमेरिकी रोजगार वृद्धि उम्मीद से बेहतर रही, जिससे बाजार में फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर रुख सख्त रहने की आशंका बढ़ी। इससे सोने जैसे ऐसे निवेश पर दबाव पड़ा, जिस पर नियमित ब्याज नहीं मिलता।
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी रोजगार आंकड़े आने के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना बाजार में करीब 65 फीसदी तक पहुंच गई। डॉलर मजबूत होने से भी डॉलर में कीमत वाले सोने की मांग पर दबाव पड़ा।
सप्ताह के अंत में फिर संभले भाव
गिरावट के बाद सप्ताह के अंत में सोने और चांदी दोनों में तेजी लौटी। 4 सितंबर को दिल्ली में 99.9 फीसदी शुद्ध सोने का भाव ₹3,400 बढ़ा, जबकि चांदी में ₹5,000 की तेजी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि कीमती धातुओं के बाजार में फिलहाल काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
आगे क्या रहेगा रुख?
आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा पर अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी उम्मीदें, डॉलर की चाल और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर पड़ सकता है। 4 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना करीब 1.2 फीसदी और चांदी 1.7 फीसदी नीचे थी और दोनों साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहे थे।
इसलिए निवेशकों और खरीदारों के लिए एक ही सप्ताह के उतार-चढ़ाव को देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार की दिशा और अपनी जरूरत को ध्यान में रखना जरूरी है।

