संतकबीरनगर। मेंहदावल में सोमवार को बिल्डिंग मैटेरियल व्यवसायियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इसमें क्षेत्र के गिट्टी-मोरंग कारोबारियों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर व्यापार से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में व्यापारियों ने आपसी एकजुटता के साथ अपने हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 14 सितंबर से 24 सितंबर तक कोई भी व्यापारी किसी भी व्यक्ति अथवा स्रोत से गिट्टी-मोरंग का माल नहीं गिरवाएगा। इसके साथ ही व्यापारियों ने नंदौर मंडी के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लेते हुए वहां से गिट्टी-मोरंग की खरीद नहीं करने का ऐलान किया।
नापी के आधार पर ही होगी खरीद
व्यापारियों ने तय किया कि आगे से गिट्टी-मोरंग की प्रत्येक गाड़ी नापी के आधार पर ही ली जाएगी, जिससे माल की मात्रा को लेकर होने वाले विवादों को समाप्त किया जा सके। इसके अलावा सप्लायरों द्वारा अचानक बढ़ाए जाने वाले दामों को स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया गया। व्यापारियों ने कहा कि कीमतों में किसी भी बदलाव से पहले उचित जानकारी और पारदर्शिता जरूरी होगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि किसी गाड़ी में माल की मात्रा या गुणवत्ता में किसी प्रकार की गड़बड़ी अथवा छेड़छाड़ पाई जाती है, तो संबंधित माल वापस कर दिया जाएगा।
व्यापारियों ने आपसी सहयोग, पारदर्शिता और एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया। उनका कहना था कि व्यापार से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सभी कारोबारियों का साथ मिलकर निर्णय लेना जरूरी है।
बैठक में शिव प्रताप सिंह, जितेंद्र पांडेय, मारकंडेय सिंह, एजाज सिद्दीकी, अनुराग त्रिपाठी, मेराज अहमद, उमर रहमानी, अकबाल खां, मो. आमिर, दीपक गोस्वामी, दीपक निषाद, आदित्य गिरी, बदरुजमा, पंकज मिश्रा, अजय पांडेय, सतीश पांडेय, महावीर यादव, उमाकांत चौरसिया सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।

