कदौरा। नई दिल्ली में समाचार संकलन के दौरान 4 पीएम न्यूज नेटवर्क की महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट एवं अभद्रता के मामले को लेकर बुधवार को डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब इकाई कदौरा के पत्रकारों ने विरोध जताया। पत्रकारों ने खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में पत्रकारों ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने और लोगों तक सूचनाएं पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों, विशेषकर महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट, अभद्र व्यवहार या भय का माहौल उत्पन्न करना स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए उचित नहीं है।
निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग
पत्रकारों ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि घटना से जुड़े वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जा सके। उन्होंने घटनास्थल से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी की।
ज्ञापन में कहा गया कि घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जाए और जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
महिला पत्रकारों को सुरक्षा देने की मांग
पत्रकारों ने महिला पत्रकारों को स्वतंत्र एवं सम्मानजनक तरीके से अपना पक्ष रखने का अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक संरक्षण दिए जाने की भी मांग की गई।
पत्रकारों का कहना है कि पत्रकारिता के दौरान काम करने वाले मीडियाकर्मियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, ताकि वे बिना किसी दबाव के जनहित से जुड़े मुद्दों पर समाचार संकलन कर सकें।
ये पत्रकार रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब इकाई कदौरा के अध्यक्ष राजेश गुप्ता, अफजल अहमद उर्फ मोनू, अभिषेक कुमार, पवन शर्मा, चांद खान, शशांक शुक्ला, राजन सेंगर, दीनानाथ, अमित गुप्ता और फैसल खान समेत अन्य पत्रकार मौजूद रहे।

