लार। क्षेत्र के कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय चुरिया में कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में विद्यालय के कुछ बच्चे कथित तौर पर यह कहते नजर आ रहे हैं कि स्कूल में कंप्यूटर पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक उपलब्ध नहीं है और उन्हें कंप्यूटर की शिक्षा नहीं दी जाती।
वीडियो सामने आने के बाद विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षा की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षा की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
तकनीकी शिक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि वर्तमान समय में कंप्यूटर और तकनीकी शिक्षा विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी आधुनिक तकनीक की जानकारी और प्रशिक्षण मिलना जरूरी है।
अभिभावकों ने संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विद्यालय का निरीक्षण कर कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि विद्यालय में कंप्यूटर उपलब्ध हैं तो विद्यार्थियों को नियमित रूप से उनका प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, जिससे वे तकनीकी शिक्षा में पीछे न रहें।
प्रधानाध्यापक का मोबाइल बंद, बीईओ से नहीं हो सका संपर्क
मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सिकंदर आसिफ का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी से भी फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
इसके चलते खबर प्रकाशित होने तक विद्यालय या शिक्षा विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षक की व्यवस्था वास्तव में है या नहीं और विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा किस स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही है।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विद्यालय का निरीक्षण कर कंप्यूटर शिक्षा की वास्तविक स्थिति की जांच कराने तथा आवश्यकतानुसार उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

