हरगांव/सीतापुर। हरगांव विधानसभा क्षेत्र-147 के अंतर्गत आने वाले 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र झरेखापुर से जुड़े करीब 125 गांवों में बिजली आपूर्ति की कथित बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उपकेंद्र के झरेखापुर, ढोलई और रिखौना बाजार फीडर से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं को 24 घंटे में महज दो से चार घंटे ही विद्युत आपूर्ति मिल पा रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक थोड़ी सी हवा चलने या मौसम खराब होने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है और कई बार दो से तीन दिनों तक बिजली नहीं आती। लंबे समय तक बिजली गुल रहने से किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्युत आपूर्ति की समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों और उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत की जा चुकी है। समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण ग्रामीणों को धरना-प्रदर्शन का सहारा भी लेना पड़ा। इसके बावजूद बिजली व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के फोन नहीं उठाने का भी आरोप
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के रवैये को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि बिजली संबंधी शिकायत करने पर कई बार उपभोक्ताओं के फोन नहीं उठाए जाते। इसके अलावा विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी नहीं मिलती, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।
मुख्य अभियंता से व्यवस्था सुधारने की मांग
मामले को लेकर भाजपा मंडल अध्यक्ष झरेखापुर कौशलेन्द्र सिंह ने मुख्य अभियंता, सीतापुर परिक्षेत्र को पत्र भेजकर विद्युत उपकेंद्र की व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की है।
पत्र में उन्होंने कहा कि लगातार बिजली संकट के कारण क्षेत्र के लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने जनहित को देखते हुए विद्युत उपकेंद्र की उच्चस्तरीय जांच कराने और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त कर क्षेत्र में सुचारु एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
अब ग्रामीणों की नजर विद्युत विभाग की ओर से समस्या के समाधान के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर है।

