देवरिया। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सोमवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में सदर सांसद शशांक मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर ने सह-अध्यक्ष के रूप में प्रतिभाग किया। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया।
बैठक में सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, रामपुर कारखाना विधायक सुरेंद्र चौरसिया, भाटपाररानी विधायक सभाकुंवर, रुद्रपुर विधायक जयप्रकाश निषाद, सांसद बांसगांव प्रतिनिधि संजय सिंह, एमएलसी प्रतिनिधि राजू मणि, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर तथा मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
सदर सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद में संचालित विकास कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं को गति देने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने जनपद में निर्मित शौचालयों के प्रभावी उपयोग के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल शौचालय निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के व्यवहार में परिवर्तन और नियमित उपयोग सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
सांसद ने यह भी निर्देश दिया कि विभागों की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में संबंधित जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। इसके अलावा गन्ने की खेती में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना तैयार कर जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर ने विद्युत, स्वास्थ्य एवं अन्य जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विभिन्न योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, जल जीवन मिशन, विद्यालयों की मूलभूत सुविधाएं, पेंशन, शौचालय निर्माण सहित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
अनुपस्थित अधिकारियों पर वेतन रोकने के निर्देश
बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) और परियोजना निदेशक (पीडी एनएचएआई) का एक दिन का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि महत्वपूर्ण बैठकों में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है।
जिलाधिकारी ने कहा कि दिशा बैठक का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के साथ जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि बैठक में लिए गए निर्णयों का प्रभावी ढंग से अनुपालन कराया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने पिछली दिशा बैठक में लिए गए निर्णयों एवं दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा कराई। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी बैठक में प्रस्तुत की।
बैठक में जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

