देवरिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर अनिमेष वर्मा ने राजस्व निरीक्षक एवं क्षेत्रीय लेखपाल के साथ वाद संख्या 65/69/2013-2014 के संबंध में ग्राम विशुनपुरा, थाना रामपुर कारखाना, तहसील देवरिया स्थित विवादित स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों पक्षों के साथ स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।
मामला दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 133 से संबंधित है। प्रथम पक्ष के वादी मदनलाल मदेशिया का कहना है कि विवादित मार्ग आम जनता एवं ग्रामवासियों के आवागमन के लिए सार्वजनिक रास्ता है, जिस पर द्वितीय पक्ष द्वारा अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है। वहीं, प्रतिवादी मनोज कुमार कानू पुत्र नागेश्वर कानू आदि ने विवादित भूमि को अपनी निजी संपत्ति एवं आबादी का हिस्सा बताते हुए किसी प्रकार के सार्वजनिक उपद्रव से इनकार किया है।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने ग्रामीणों के बयान दर्ज करने के साथ मौके की भौतिक स्थिति का भी जायजा लिया। निरीक्षण में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद करीब 30 वर्षों से चला आ रहा है। वहीं, द्वितीय पक्ष की ओर से अपना पक्ष एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए आवेदन भी दिया गया है।
मौके की स्थिति और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामला तत्काल उत्पन्न हुए लोक उपद्रव की अपेक्षा लंबे समय से चले आ रहे रास्ते, कब्जे एवं स्वामित्व संबंधी विवाद से जुड़ा प्रतीत हुआ।
एसडीएम अनिमेष वर्मा ने दोनों पक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि न्यायालय के अंतिम आदेश तक विवादित स्थल पर किसी प्रकार का नया निर्माण, यथास्थिति में बदलाव अथवा ऐसा कोई कार्य न किया जाए, जिससे क्षेत्र की शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।
न्यायसंगत निस्तारण के लिए पत्रावली को मामले के गुण-दोष के आधार पर आदेश पारित करने हेतु सुरक्षित कर लिया गया है।

