कुशीनगर। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को संपत्तियों के क्रय-विक्रय के दौरान निर्धारित स्टाम्प मूल्यांकन की वास्तविकता जांचने के लिए एआईजी स्टाम्प एवं सब रजिस्ट्रार के साथ कसया ढाला फ्लाईओवर के निकट स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने करीब एक करोड़ 15 लाख रुपये की विक्रय संपत्ति का मौके पर सत्यापन किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित संपत्ति के निचले तल का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था, जबकि ऊपरी तल आवासीय उपयोग में था। संपत्ति का निर्धारित स्टाम्प मूल्य सात लाख रुपये दर्ज था। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद वास्तविक स्थिति का स्टाम्प अभिलेखों में दर्ज विवरण से मिलान कराया और लागू स्टाम्प मूल्य दरों की भी जांच की।
सत्यापन के दौरान मौके की स्थिति और अभिलेखों में दर्ज विवरण में समानता पाई गई। इसके बाद जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को संपत्तियों के क्रय-विक्रय में निर्धारित नियमों के अनुरूप स्टाम्प मूल्यांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विक्रय विलेखों का पंजीकरण नियमानुसार आवश्यक परीक्षण के बाद ही किया जाए। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखी जाए, ताकि स्टाम्प मूल्यांकन अथवा स्टाम्प शुल्क में किसी प्रकार की कमी की गुंजाइश न रहे।
निरीक्षण के दौरान एआईजी स्टाम्प अजय धर्मराज सिंह और सब रजिस्ट्रार अजय कुमार सिंह मौजूद रहे।

