टिकरा-सुरार मार्ग बना ‘खूनी सड़क’, दो युवकों की मौत के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

कानपुर नगर। टिकरा-सुरार मार्ग की वर्षों से बदहाल स्थिति और सड़क पर बने गहरे गड्ढों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को सामने आया। बीएसएस कॉलेज चौराहे पर राजवर्धन फाउंडेशन की अगुवाई में विशाल जन चौपाल का आयोजन किया गया। फाउंडेशन के संस्थापक साकेत सेंगर के नेतृत्व में हुई चौपाल में सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए और सड़क के शीघ्र निर्माण की मांग उठाई।

ग्रामीणों के मुताबिक, टिकरा-सुरार मार्ग लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिनमें बारिश के दौरान पानी भर जाने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में इसी मार्ग पर पानी से भरे गड्ढे में कार के डूब जाने से दो युवकों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भय का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं, महिलाओं और अन्य राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने मार्ग को ‘खूनी सड़क’ का नाम देते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की।

शांतिपूर्ण तरीके से जताया विरोध

जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने “आवाज दो, हम एक हैं” के नारे लगाए। इसके साथ ही “रघुपति राघव राजाराम” का भजन गाकर शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।

इस दौरान राजवर्धन फाउंडेशन के संस्थापक साकेत सेंगर ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी पर आरोप लगाना नहीं है। वह अपने गांव और क्षेत्र की टूटी सड़क की समस्या को शासन तक पहुंचाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि यह सड़क केवल आवागमन का मार्ग नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवन रेखा है, लेकिन इसकी बदहाल स्थिति के कारण यह लोगों के लिए खतरे का कारण बन गई है। उन्होंने कहा कि जब तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं होता, तब तक ग्रामीणों के साथ शांतिपूर्ण, अहिंसक और गांधीवादी तरीके से अपनी मांग शासन-प्रशासन तक पहुंचाते रहेंगे।

साकेत सेंगर ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था को समस्या के प्रति जागरूक करने के लिए है। उन्होंने कहा कि “रघुपति राघव राजाराम” गाकर शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह जारी रखा जाएगा और सड़क निर्माण शुरू होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

चौपाल में टिकरा ग्राम के राजाराम, नागर, मन्नू यादव, माया, ढूकनू, प्रेमचंद, सोनू पाल, राम कैलाश गौतम, बलराम, बुद्धिलाल गौतम, अखिलेश कटियार, उमाशंकर, सज्जन कुमार, विजय कुशवाहा, विशाल कुमार, सूरज प्रकाश, पूर्व प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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