संतकबीरनगर। पुलिस ने गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने बताया कि सर्विलांस टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 131 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल संतकबीरनगर के अलावा लखनऊ, बेंगलुरु, बिहार समेत देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से बरामद किए गए हैं।
एसपी के अनुसार, क्षेत्राधिकारी सर्विलांस सेल/यातायात अमित कुमार के पर्यवेक्षण एवं प्रभारी सर्विलांस सेल रजनीश राय के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। टीम ने CEIR पोर्टल और CCTNS प्रणाली से प्राप्त ट्रेसबिलिटी विवरण, IMEI नंबर एवं सिम से संबंधित तकनीकी जानकारी का विश्लेषण कर मोबाइल फोन को ट्रेस किया और बरामद किया।
पुलिस ने बताया कि अलग-अलग राज्यों एवं शहरों से बरामद मोबाइल फोन के संबंध में संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाए जाएंगे। मोबाइल बरामद होने की सूचना मिलने पर स्वामियों ने पुलिस के प्रति आभार जताया।
थाना स्तर पर भी की गई बरामदगी
एसपी ने बताया कि थाना स्तर पर कोतवाली खलीलाबाद के आरक्षी रविकांत कुशवाहा ने 29, दुधारा के कंप्यूटर ऑपरेटर विवेक सिंह ने 18, महिला थाना के आरक्षी अजय मौर्य ने 3, धनघटा के आरक्षी इंद्रजीत कुमार ने 1, महुली के आरक्षी अंकित पटेल ने 26, मेंहदावल के आरक्षी सौरभ कुमार ने 10, बखिरा के आरक्षी चंद्रभान सिंह ने 10, बेलहरकला के आरक्षी राजेंद्र प्रसाद ने 18, धर्मसिंहवा की महिला आरक्षी शिवांगी सिंह ने 1 तथा एएचटी थाना के आरक्षी दिलीप गोंड ने 15 मोबाइल फोन बरामद किए।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने मोबाइल बरामदगी अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।
मोबाइल गुम होने पर CEIR पोर्टल पर करें शिकायत
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके माध्यम से IMEI नंबर को ब्लॉक कराने के साथ मोबाइल फोन को ट्रेस कराने में मदद मिल सकती है। शिकायत के लिए आधार कार्ड, गुमशुदगी अथवा एफआईआर की प्रति, मोबाइल नंबर, IMEI नंबर, मॉडल नंबर और मोबाइल धारक का विवरण उपयोगी रहेगा।
मोबाइल फोन बरामदगी में सर्विलांस सेल प्रभारी रजनीश राय, हेड कांस्टेबल विनोद कुमार सिंह, कांस्टेबल ज्ञानप्रकाश सिंह, अमरजीत मौर्य, नितीश कुमार एवं पीयूष कुमार गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

