अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। निर्माणाधीन मकान के मानचित्र को स्वीकृति दिलाने की कोशिशों के बीच अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने मानचित्र से जुड़ी पत्रावली वापस कर दी है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भवन से संबंधित नियमों और दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
ब्लू जोन में है निर्माणाधीन भवन
लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर अयोध्या के बनीपुर-सोहावल क्षेत्र में निर्माणाधीन जी+1 भवन को लेकर एडीए पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। प्राधिकरण की नियोजन विभाग की रिपोर्ट में भवन को महायोजना-2031 के पीएसबी यानी ब्लू जोन क्षेत्र में बताया गया है।
एडीए के अनुसार, भवन का मानचित्र पहले स्वीकृत नहीं पाया गया था। इसके बाद संबंधित पक्ष को आवश्यक दस्तावेज और मानचित्र प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। अब प्राधिकरण ने मानचित्र से जुड़ी पत्रावली लौटा दी है, जिससे निर्माण की वैधता को लेकर मामला और पेचीदा हो गया है।
पहले भी जारी हो चुका है नोटिस
निर्माणाधीन भवन को लेकर एडीए ने तीन जुलाई को पहला नोटिस जारी किया था। नोटिस में स्वीकृत भवन योजना और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर 14 जुलाई को अंतिम नोटिस भी चस्पा किया गया था।
इसके बाद संबंधित पक्ष की ओर से दस्तावेज दाखिल किए गए थे। प्राधिकरण ने इन दस्तावेजों की वैधता, भवन मानचित्र, भूमि उपयोग और भवन उपविधियों के अनुपालन की जांच की।
निर्माण की वैधता पर उठे सवाल
प्राधिकरण की जांच में भवन के ब्लू जोन में होने की बात सामने आने के बाद अब निर्माण की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। एडीए के अभियंत्रण विभाग और प्रवर्तन दल की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाना है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भवन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें सीलिंग भी शामिल हो सकती है।
चढ़ावा चोरी मामले में पहले से जेल में है लवकुश
लवकुश मिश्रा राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में आरोपी है और इस प्रकरण की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है। उसकी पत्नी के नाम दर्ज निर्माणाधीन संपत्ति को लेकर एडीए की कार्रवाई ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल प्राधिकरण की ओर से भवन के मानचित्र और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति की जांच की जा रही है। अंतिम निर्णय संबंधित रिपोर्टों और नियमानुसार कार्रवाई के आधार पर लिया जाएगा।

