चेन्नई। दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल के तीसरे दिन साउथ जोन के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक पूरा कर लिया है। ईस्ट जोन के पहली पारी में 708 रन के विशाल स्कोर के जवाब में उतरी साउथ जोन की पारी को संभालने में पडिक्कल अहम भूमिका निभा रहे हैं।
ईस्ट जोन ने कप्तान ईशान किशन के 270 रन की ऐतिहासिक पारी के दम पर पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। किशन ने 334 गेंदों का सामना करते हुए 30 चौके और 7 छक्के लगाए। उनके अलावा कुमार कुशाग्र ने शतक और अभिमन्यु ईश्वरन तथा शिखर मोहन ने भी महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।
पडिक्कल पर बड़ी जिम्मेदारी
708 रन के पहाड़ जैसे स्कोर के सामने साउथ जोन को मजबूत शुरुआत की जरूरत थी। शुरुआती झटके के बाद देवदत्त पडिक्कल ने पारी को संभालने की कोशिश की। उन्होंने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया और टीम को संकट से निकालने की जिम्मेदारी संभाली।
लाइव अपडेट के दौरान पडिक्कल 52 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि साउथ जोन का स्कोर 92/2 तक पहुंच चुका था। इस समय टीम ईस्ट जोन के स्कोर से काफी पीछे थी।
ईस्ट जोन की शानदार पकड़
फाइनल में ईस्ट जोन की स्थिति बेहद मजबूत है। टीम ने पहली पारी में 708 रन बनाने के बाद गेंदबाजी में भी शुरुआती सफलता हासिल की। साउथ जोन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती फॉलोऑन से बचने के लिए मजबूत स्कोर खड़ा करना है।
मैच में साउथ जोन की उम्मीदें कप्तान तिलक वर्मा और देवदत्त पडिक्कल जैसे बल्लेबाजों पर टिकी हैं। दोनों खिलाड़ियों से बड़ी पारियों की उम्मीद की जा रही है।
ईशान किशन की ऐतिहासिक पारी
इससे पहले ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में 270 रन की शानदार पारी खेलकर मुकाबले का रुख ईस्ट जोन के पक्ष में कर दिया। उनकी पारी में 30 चौके और सात छक्के शामिल रहे। किशन की इस पारी ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में वापसी के दावेदारों की चर्चा में भी ला दिया है।
फिलहाल मुकाबले में ईस्ट जोन का पलड़ा भारी है, लेकिन पडिक्कल का अर्धशतक साउथ जोन के लिए राहत की खबर है। अब देखना होगा कि वह अपनी पारी को कितने बड़े स्कोर में तब्दील कर पाते हैं।

