गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। दिल्ली में पत्रकार शाहीन खान (4 पीएम न्यूज नेटवर्क) और नफीसा खान (स्वतंत्र पत्रकार) के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित मारपीट की घटना के विरोध में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने आक्रोश जताया। संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जिलाधिकारी गोरखपुर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम सात सूत्रीय मांग-पत्र उप जिलाधिकारी गोरखपुर हिमांशु वर्मा को सौंपा।
संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से घटना की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग की।
पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने कहा कि पत्रकार पर हमला लोकतंत्र की आवाज और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज और देश के सामने तथ्यों को रखने का कार्य करते हैं। किसी भी पत्रकार को डराकर, धमकाकर या मारपीट के जरिए उसकी आवाज दबाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “कलम झुकेगी नहीं, कैमरा रुकेगा नहीं और पत्रकारों की आवाज दबेगी नहीं।”
कुरैशी ने केंद्र सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाने की दिशा में गंभीर पहल करने की मांग की।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद इरफ़ानुल्लाह खान ने कहा कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को सुरक्षित वातावरण मिलना उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसी पत्रकार को उसके कार्य के दौरान धमकाना या कवरेज से रोकना प्रेस की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
राष्ट्रीय संगठन सचिव अखिलेश्वर धर द्विवेदी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल ज्ञापन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए निरंतर लोकतांत्रिक संघर्ष करना है। उन्होंने पत्रकारों पर हमले की स्थिति में तत्काल प्राथमिकी और समयबद्ध जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग की।
ज्ञापन में रखीं सात प्रमुख मांगें
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से दिए गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं—
- शाहीन खान एवं नफीसा खान के साथ हुई कथित मारपीट की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
- जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- महिला पत्रकारों की सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित की जाए।
- समाचार कवरेज के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाया जाए।
- पत्रकारों पर हमला या कवरेज में बाधा डालने की स्थिति में तत्काल प्राथमिकी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।
- पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज कथित दुर्भावनापूर्ण मुकदमों की उच्चस्तरीय समीक्षा कराई जाए।
- केंद्र सरकार पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए।
संगठन ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन देशभर के पत्रकारों को लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से एकजुट कर आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाने के लिए बाध्य होगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी, राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद इरफ़ानुल्लाह खान, राष्ट्रीय संगठन सचिव अखिलेश्वर धर द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष गोरखपुर रफी अहमद, मंडल सचिव सतीश चंद्र, सतीश मणि त्रिपाठी, जिला प्रवक्ता मोहम्मद आजम, अरुण कुमार, राममिलन, पप्पू कुमार, मनीष कुमार, आशुतोष कुमार, अवधेश कुमार श्रीवास्तव, शादाब अहमद, ललित कुमार सिंह, श्रवण कुमार गुप्ता, मेराज अहमद, रमाशंकर गुप्ता, अंशुल वर्मा, अजमेर खान और जुबेर आलम सहित संगठन के पदाधिकारी एवं पत्रकार मौजूद रहे।

