नई दिल्ली। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में FIR दर्ज कर आधिकारिक तौर पर जांच अपने हाथ में ले ली है। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के उस निर्देश के बाद हुई है, जिसमें केंद्रीय एजेंसी से मामले की विस्तृत जांच कराने को कहा गया था।
दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई में मौत हुई थी। शुरुआती जांच में मुंबई पुलिस ने इसे दुर्घटना से जुड़ा मामला माना था और बाद में इसे आत्महत्या के तौर पर देखा गया। हालांकि, मामले को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अब CBI की जांच में उन सभी पहलुओं की दोबारा पड़ताल की जाएगी।
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद बदली जांच की दिशा
मामले में दिशा के पिता सतीश सालियान की ओर से न्यायालय का रुख किया गया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सितंबर की शुरुआत में CBI को FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। अदालत ने मुंबई पुलिस की लंबे समय तक चली जांच को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए थे।
कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने दिशा के पिता का बयान भी दर्ज किया। इसके बाद सोमवार को FIR दर्ज की गई और जांच की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई।
FIR में कई लोगों के नाम होने की रिपोर्ट
कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, CBI की FIR में राजनीतिक और फिल्म जगत से जुड़े कुछ लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इनमें आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती और सूरज पंचोली के नाम बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन नामों का FIR में होना अपने आप में किसी व्यक्ति के अपराधी होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आरोपों की जांच और उनकी सत्यता का निर्धारण CBI की जांच के बाद ही होगा।
CBI ने फिलहाल FIR में लगाए गए आरोपों, धाराओं और आरोपित व्यक्तियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की है।
पिता के बयान के बाद बढ़ी जांच की अहमियत
दिशा के पिता सतीश सालियान ने हाल में CBI के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने जांच एजेंसी को मामले से जुड़े कुछ नाम और अपने पास मौजूद जानकारी के बारे में बताया है। उनके वकील की ओर से भी दिशा की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। CBI की जांच में घटनाक्रम, उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और पहले की पुलिस जांच से जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा महत्वपूर्ण होगी।
छह साल बाद फिर खुली जांच
दिशा सालियान की मौत को छह साल से अधिक समय बीत चुका है। इतने लंबे अंतराल के बाद CBI के हाथ में जांच आने से पुराने रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और अन्य उपलब्ध सामग्री की दोबारा जांच की जाएगी।
मामला सुशांत सिंह राजपूत की मौत से कुछ दिन पहले का होने के कारण भी लंबे समय से चर्चा में रहा है। हालांकि, दिशा और सुशांत की मौत के बीच किसी आपराधिक संबंध की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा नहीं की गई है। अब CBI की नई जांच में इस पहलू समेत मामले के अन्य सभी संभावित कोणों की पड़ताल की जा सकती है।
जांच के नतीजे पर टिकी नजर
FIR दर्ज होने के बाद अब CBI की जांच आगे बढ़ेगी। एजेंसी संबंधित लोगों से पूछताछ, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच तथा घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर सकती है।
फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने और CBI की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दिशा सालियान की मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और मामले में किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि होती है या नहीं।

