थोड़ी सी सीढ़ियां चढ़ने या तेज चलने पर सांस फूलना कई लोगों के लिए सामान्य अनुभव हो सकता है। अक्सर इसे लोग फिटनेस की कमी, वजन बढ़ने या शरीर की कमजोरी से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार सांस फूलने की वजह सिर्फ कम फिटनेस नहीं होती। कई बार इसके पीछे अस्थमा, एनीमिया, हृदय या फेफड़ों से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।
कब सामान्य माना जा सकता है?
यदि लंबे समय से व्यायाम नहीं किया है या अचानक तेज शारीरिक गतिविधि की जाती है, तो शरीर की ऑक्सीजन की मांग बढ़ने के कारण कुछ देर के लिए सांस फूल सकती है। आराम करने के बाद सांस सामान्य हो जाए और रोजमर्रा के सामान्य कामों में कोई परेशानी न हो, तो यह कम फिटनेस का संकेत हो सकता है।
हालांकि, उम्र और शारीरिक क्षमता के हिसाब से सांस फूलने की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। इसलिए इसे केवल फिटनेस की कमी मान लेना सही नहीं है।
इन कारणों से भी फूल सकती है सांस
सीढ़ियां चढ़ते समय बार-बार या जरूरत से ज्यादा सांस फूलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें अस्थमा या अन्य फेफड़ों की बीमारी, खून की कमी (एनीमिया), हृदय संबंधी समस्या, अधिक वजन और लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि की कमी शामिल हैं।
कभी-कभी वायरल संक्रमण या लंबे समय तक रहने वाली खांसी के बाद भी सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर सांस फूलने के साथ सीने में दर्द या दबाव, चक्कर, बेहोशी, होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना, तेज धड़कन या आराम की स्थिति में भी सांस लेने में परेशानी हो, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
इसी तरह पहले की तुलना में कम मेहनत में ही लगातार सांस फूलने लगे, रात में सांस लेने में दिक्कत हो या समस्या धीरे-धीरे बढ़ रही हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
फिटनेस सुधारने से पहले कारण समझें
यदि समस्या का कारण केवल कम फिटनेस है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार धीरे-धीरे वॉकिंग, कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। अचानक बहुत ज्यादा व्यायाम शुरू करने के बजाय शरीर की क्षमता के अनुसार गतिविधि बढ़ाना बेहतर रहता है।

