मुंबई/कोटा। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले करीब 10 दिनों तक अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखी थी। आरोपियों ने उनके घर और जिम की रेकी की थी। इसके बाद रविवार शाम को फुटबॉल ग्राउंड से निकलते समय उनकी कार को निशाना बनाया गया। मामले में राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
10 दिनों तक टाइगर की गतिविधियों पर रखी नजर
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हमलावर टाइगर श्रॉफ की दिनचर्या और उनके आने-जाने के स्थानों की जानकारी जुटा रहे थे। बताया जा रहा है कि आरोपियों को अभिनेता के रविवार को जुहू स्थित फुटबॉल ग्राउंड जाने की जानकारी थी। इसी नियमित कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए हमले का समय चुना गया।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और अन्य सामग्री के जरिए भी अभिनेता की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमलावरों को अभिनेता की दिनचर्या की जानकारी किसने दी थी।
कार पर चलाई गईं सात गोलियां
रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में फुटबॉल ग्राउंड से निकलने के बाद टाइगर श्रॉफ की कार पर बाइक सवार हमलावरों ने गोलीबारी की। रिपोर्टों के मुताबिक, हमलावरों ने कुल सात राउंड फायर किए। इनमें से पांच गोलियां कार पर लगीं, जबकि दो निशाने पर नहीं लगीं।
इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर और एक राहगीर के घायल होने की खबर है। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी और आरोपियों की तलाश शुरू की।
वारदात के बाद बाइक छोड़कर ट्रेन से भागे आरोपी
पुलिस जांच के अनुसार, गोलीबारी के बाद आरोपी कथित तौर पर विले पार्ले और अंधेरी की ओर भागे। उन्होंने अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास अपनी बाइक छोड़ दी और ट्रेन से आगे निकल गए।
मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर राजस्थान पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई की। तीनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की जांच
इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। दो आरोपी हरियाणा के बताए जा रहे हैं, जबकि तीसरा बिहार का रहने वाला है और मुंबई में रह रहा था।
जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्कों, हमले के पीछे की वजह और कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं। गैंग से संबंध और हमले के पीछे की पूरी साजिश को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
सोशल मीडिया और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
इस घटना ने फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा और सोशल मीडिया पर उनकी निजी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होने के जोखिम को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों ने अभिनेता की दिनचर्या के बारे में कितनी जानकारी पहले से जुटाई थी और उन्हें किसी ने मदद पहुंचाई थी या नहीं।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

