देवरिया, पथरदेवा। पथरदेवा ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर सेमरी में सीफार के सहयोग से पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म (पीएसपी) के सदस्यों को कालाजार बीमारी के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में सीएचओ, ग्राम प्रधान, एएनएम, संगिनी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और वालंटियर्स ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान कालाजार के वाहक, बीमारी के लक्षण, बचाव, जांच और उपचार के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षक एवं सहयोगी संस्था सीफार के जिला प्रतिनिधि नीरज ओझा ने बताया कि कालाजार की जांच और उपचार की सुविधा सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों के जागरूक और सतर्क रहने से ही कालाजार का प्रभावी ढंग से उन्मूलन किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि कालाजार एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो मुख्य रूप से बालू मक्खी के काटने से फैलती है। यह मक्खी ग्रामीण क्षेत्रों में नमी वाले स्थानों तथा घरों की दीवारों की दरारों आदि में पाई जा सकती है। इससे बचाव के लिए घर और आसपास साफ-सफाई रखने तथा सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
दो प्रकार का होता है कालाजार
प्रशिक्षण में बताया गया कि कालाजार के प्रमुख रूपों में विसरल लीशमैनियासिस (वीएल) और पोस्ट कालाजार डर्मल लीशमैनियासिस (पीकेडीएल) शामिल हैं।
वीएल के प्रमुख लक्षणों में 15 दिन से अधिक समय तक बुखार रहना, भूख कम लगना, खून की कमी, वजन घटना और त्वचा का रंग गहरा पड़ना शामिल हैं। वहीं पीकेडीएल में त्वचा पर सफेद या हल्के रंग के धब्बे दिखाई दे सकते हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे लक्षणों वाले व्यक्ति मिलने पर उन्हें तत्काल सरकारी अस्पताल में जांच और उपचार के लिए भेजा जाए। बताया गया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कालाजार की जांच और उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है।
वर्ष में दो बार होता है आईआरएस का छिड़काव
बीसीपीएम आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि कालाजार की वाहक बालू मक्खी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्ष में दो बार आईआरएस (इंडोर रेजिडुअल स्प्रे) का छिड़काव कराया जाता है। मानसून से पहले मार्च-अप्रैल तथा मानसून के बाद अक्टूबर-नवंबर में घरों के अंदर छिड़काव कराया जाता है, जिससे बालू मक्खी के प्रकोप को नियंत्रित किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान बीपीएम नागेंद्र मल्ल, सीएचओ अनुराधा सिंह, एएनएम प्रीति सहित ग्राम प्रधान, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और वालंटियर्स मौजूद रहे।

