लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने स्वच्छ वायु के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। लखनऊ को सर्वेक्षण में 198 अंक मिले, जबकि इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले वर्ष लखनऊ इस श्रेणी में 15वें स्थान पर था। इस बार राजधानी ने 14 पायदान की छलांग लगाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। अधिकारियों के मुताबिक, वायु प्रदूषण कम करने के लिए किए गए विभिन्न उपायों और शहर में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लगातार किए जा रहे प्रयासों का सर्वेक्षण में सकारात्मक असर दिखाई दिया।
इन प्रयासों से सुधरी शहर की हवा
लखनऊ में घर-घर कूड़ा उठाने के लिए करीब 1,100 इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए 97 इलेक्ट्रिक यांत्रिक सफाई मशीनें लगाई गई हैं। इसके अलावा करीब 559.85 किलोमीटर सड़कों को पक्का किया गया है और प्रतिदिन निकलने वाले लगभग 2,550 टन कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।
शहर में सार्वजनिक परिवहन को भी स्वच्छ ईंधन की दिशा में बढ़ाया गया है। लखनऊ में 140 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। इसके साथ ही हरित क्षेत्र बढ़ाने, सड़क की धूल कम करने और खुले में कचरा जलाने पर नियंत्रण जैसे कदम भी उठाए गए हैं।
यूपी के 16 शहरों ने बनाई जगह
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में उत्तर प्रदेश के कुल 16 शहरों ने अलग-अलग आबादी वर्गों में स्थान हासिल किया है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में आगरा चौथे, गाजियाबाद नौवें, कानपुर 11वें, प्रयागराज 13वें, मेरठ 22वें और वाराणसी 34वें स्थान पर रहे।
वहीं 3 लाख से 10 लाख आबादी वाले शहरों में फिरोजाबाद दूसरे, झांसी पांचवें तथा मुरादाबाद और नोएडा संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर रहे। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायबरेली, अनपरा, खुर्जा और गजरौला ने भी राष्ट्रीय रैंकिंग में जगह बनाई।
लखनऊ का वार्ड भी देश में नंबर-1
शहर स्तर के साथ-साथ वार्ड स्तर पर भी लखनऊ ने बेहतर प्रदर्शन किया है। राजधानी का वार्ड-70 (पेपर मिल कॉलोनी) 30 हजार से अधिक आबादी वाले शहरी वार्डों की श्रेणी में देश में पहले स्थान पर रहा।
इस उपलब्धि पर लखनऊ के लोगों और नगर निगम की टीम को बधाइयां मिल रही हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी लखनऊ की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए शहरवासियों, महापौर और नगर निगम की टीम को बधाई दी।
हालांकि, सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान मिलने के बावजूद लखनऊ की वायु गुणवत्ता में सुधार की गुंजाइश बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार शहर का PM10 स्तर अभी भी राष्ट्रीय मानक से ऊपर है, लेकिन पिछले वर्षों की तुलना में इसमें उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

