राजस्थान में सरोगेसी लीव और ट्रेनिंग नियमों में बदलाव, सरोगेट मदर को 180 और कमीशनिंग को 90 दिन की छुट्टी

राजस्थान सरकार ने सरोगेसी से जुड़े कर्मचारियों के लिए अवकाश और प्रशिक्षण नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत सरोगेट मदर को 180 दिन तक की छुट्टी, जबकि कमीशनिंग मदर को 90 दिन तक का अवकाश दिए जाने का प्रावधान किया गया है। सरकार के इस फैसले से सरोगेसी प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

सरोगेट मदर को 180 दिन का अवकाश

नए नियमों के अनुसार, सरोगेट मदर को प्रसव से संबंधित परिस्थितियों में कुल 180 दिनों तक का अवकाश दिया जा सकेगा। इसका उद्देश्य प्रसव के बाद महिला को पर्याप्त आराम और स्वास्थ्य लाभ के लिए समय उपलब्ध कराना है।

वहीं, सरोगेसी के जरिए बच्चे की मां बनने वाली कमीशनिंग मदर को 90 दिन की छुट्टी देने का प्रावधान किया गया है। इससे बच्चे के जन्म के बाद उसकी देखभाल और शुरुआती जरूरतों के लिए मां को पर्याप्त समय मिल सकेगा।

ट्रेनिंग नियमों में भी बदलाव

सरकार ने अवकाश के साथ प्रशिक्षण से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है। नए प्रावधानों का उद्देश्य कर्मचारियों को पारिवारिक जिम्मेदारियों और विभागीय प्रशिक्षण के बीच बेहतर संतुलन उपलब्ध कराना है।

सरकार के इस कदम को कर्मचारियों के परिवार-केंद्रित कल्याण और कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाओं की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

सरोगेसी से जुड़े मामलों में पहले अवकाश को लेकर कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतें सामने आती रही हैं। नए नियम लागू होने के बाद संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट व्यवस्था मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अवकाश का लाभ लेने के लिए विभागीय नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

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