पीलीभीत योगी सरकार ज़ीरो टालरेंस के लिए बचनवद्ध है लेकिन अधिकारी योगी सरकार को बदनाम करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं भ्रष्टाचार इतना जड़ तक घुस चुका है की भ्रष्टाचारियों को सरकार का बिल्कुल खौफ नहीं है और अपने कार्य को अंजाम देने में लगे हुए हैं फिर जांच में चाहे नौकरी गंवानी पड़ जाये लेकिन ईमानदारी से काम नहीं होगा यहां आपको बता दें भ्रष्टाचार का एक मामला तहसील अमरिया के गांव आसपुर से दलेलगंज को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार देखने को मिला है इस सड़क का निर्माण कार्य नहर विभाग के दिशा-निर्देशन में ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है लेकिन जिस तरह से निर्माण कार्य कराया जा रहा है इससे यह तो साफ़ हो गया है कि सरकारी पैसे को सिर्फ ठिकाने लगाया जा रहा है बाकी सड़क में कोई मजबूती नहीं है एक तरफ 6एम एम की जीरा बजरी को हल्के कोलतार से बिछाया गया है और दूसरी ओर बह बजरी उखड़ती जा रही है
इसके बाद सड़क को पास कराने के लिए लीपा-पोती की जायेगी ताकि ठेकेदार का पूरा पेमेंट मिल जाए लेकिन सच्चाई बिल्कुल इसके विपरीत है जब मीडिया टीम ने मौके पर जाकर देखा तो सड़क की बजरी हाथ से हट रही थी अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यह सड़क आखिर बनाई क्यों जा रही है इसके बनने से जनता को कोई फायदा होने वाला नहीं है सिर्फ सरकारी पैसे को ठिकाने लगाने का काम किया जा रहा है यदि ईमानदारी से जांच कराई गई तो जेईई से लेकर ठेकेदार तक सभी की गर्दन फंसती नजर आएंगी अब देखना यह है कि क्या यह जांच होगी या ऐसे ही जिम्मेदार मौन व्रत धारण करेंगे यह अपने आप में बहुत बड़ा सवाल है



