आरक्षण आंदोलन के एक प्रमुख आंदोलनकारी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। कोतवाली के जंगल कला निवासी बृजेश निषाद के घर पुलिस ने कोर्ट में पेश होने का नोटिस चस्पा किया है।
यह मामला 2015 के कसरवल कांड से जुड़ा है। उस समय आरक्षण की मांग को लेकर हुए आंदोलन में 37 लोगों को जेल जाना पड़ा था। इस आंदोलन में वर्तमान कैबिनेट मंत्री संजय निषाद भी शामिल थे, जो उस समय आंदोलन के मुख्य नेता थे। आंदोलन के दौरान एक कार्यकर्ता अखिलेश निषाद की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी। बृजेश निषाद ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ उनके घर नोटिस चस्पा किया गया है, जबकि आंदोलन के बड़े नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने निषाद समाज से सतर्क रहने की अपील की है। सहजनवा पुलिस ने बृजेश निषाद को चेतावनी दी है कि अगर वे कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो उनका घर सीज कर दिया जाएगा। मामला वर्तमान में गोरखपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में विचाराधीन है।