औरैया नगर फफूंद के सुप्रसिद्ध अस्तल धाम मन्दिर मे श्री मद्भागवत कथा का विश्राम होने के बाद भक्तो ने विशाल भण्डारे में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया तथा वृहद्र भण्डारे का आयोजन किया। भागवत कथा के समापन पर हवन पूजन का कार्यक्रम सम्पन्न किया गया और यज्ञशाला में हवन की पूर्ण आहुति के बाद भण्डारा शुरू किया गया।
नगर फफूंद के सुप्रसिद्ध अस्तल धाम चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का धार्मिक आयोजन बड़ी धूमधाम के साथ सम्पन्न किया गया और भागवत कथा के भण्डारे में सैकड़ो भक्तो ने प्रसाद ग्रहण किया अपरान्हन दो बजे से प्रसाद वितरित किया गया बाहर से आये साधु सन्तो को बैठाकर प्रसाद वितरित किया गया और उन्हे दान दक्षिणा देकर विदा किया गया कथा स्थल पर भक्तो को प्रेम पूर्वक बैठाकर प्रसाद ग्रहण कराया गया।
परीक्षित जी ने समस्त कन्याओं को दान दक्षिणा देकर प्रसाद ग्रहण कराया शांम के समय प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तो की भारी भीड उमड़ पड़ी और कथा पण्डाल में लम्बी लम्बी कतारे नजर आने लगी युवा वर्ग ने सभी भक्तो को क्रमवार बैठाकर प्रेम पूर्वक प्रसाद ग्रहण कराया कथा पण्डाल में महिलाआं के लिए प्रसाद ग्रहण करने के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई थी। जिनकी जिम्मेदारी कन्याओ को सौपी गई थी तथा पुरुषो के लिए अलग व्यवस्था थी भण्डारा का प्रसाद वितरण करने की व्यवस्था युवा वर्ग के कन्धों पर थी। और आने वाले हर भक्त को बैठाकर प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा था। भण्डारे को शुचार रूप से संचालित करने के लिए भक्तो ने चाक चौबंद व्यवस्था बनाये रखी। तथा भंडारे का प्रसाद वितरण देर रात तक चलता रहा।