Friday, August 29, 2025
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HomeLatest Newsबिधूना में मोहर्रम पर जोशों खरोस के साथ निकाला ताजिया जुलूस !

बिधूना में मोहर्रम पर जोशों खरोस के साथ निकाला ताजिया जुलूस !

सब्जी मंडी इमाम चौक से पुलिस व प्रशासन की कड़ी चौकसी में निकला जुलूस

बेहद गमगीन माहौल में कर्बला में ताजिए किए गए सुपुर्द-ए-खाक

बिधूना,औरैया। मोहर्रम के मौके पर बिधूना कस्बे की सब्जी मंडी स्थित इमाम चौक से अपराह्न 2 बजे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की कड़ी चौकसी में बिधूना कस्बे के निर्धारित मार्गो मोहल्लों व गलियों से होकर ताजियों का जुलूस निकाल गया। इस ताजिया जुलूस में शांति और सुरक्षा के दृष्टिगत उपजिलाधिकारी गरिमा सोनकिया, तहसीलदार जितेश वर्मा, सीओ बिधूना पी पुनीत मिश्रा के साथ ही कोतवाल मुकेश बाबू चौहान, निरीक्षक अपराध जितेंद्र पाल सिंह, उपनिरीक्षक शंभू नाथ सिंह,उप निरीक्षक मेवालाल, उप निरीक्षक सुघर सिंह, उप निरीक्षक सोहेल खान, हेड मोहर्रम जेडी सिंह यादव, राहुल कुमार सिंह, विजयपाल सिंह, अजीत चौधरी आदि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों कर्मचारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में यह ताजिए का जुलूस इमाम चौक से दिबियापुर रोड, कछपुरा, पुराना बिधूना, नदी तिराहा, नगर पंचायत कार्यालय,दिबियापुर रोड तिराहा, लोहा मंडी, दुर्गा मंदिर तिराहा पहुंचा और वहीं पर नई मस्जिद से उठने वाले ताजिए का जुलूस दुर्गा मंदिर तिराहा पर आकर पहले वाले ताजिया जुलूस में शामिल हुआ। तत्पश्चात यह बारह ताजियों का संयुक्त जुलूस फीडर रोड पर होता हुआ बड़ा चौराहा भरथना रोड होकर मोहल्ला नवीन बस्ती अंबेडकर नगर स्थित कर्बला पहुंचा जहां ताजियों को भारी गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।जामा स्जिद के इमाम मोहम्मद आजाद व मोहम्मद एजाज ने बताया कि ताजिए कर्बला की जंग के शहीदों का प्रतीक हैं।

पंचायती ताजिया इंतजामियां कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ व अंजुमन ताजिया कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद अब्बास ने बताया है कि मोहर्रम के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग इमाम हुसैन की शहादत को याद कर मातम मनाते हैं। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी इसमें उनके 72 साथियों की भी जान गई थी। इस ताजिया जुलूस के दौरान मुस्लिम समाज के युवा फरसा बल्लम तलवार लाठी सहित विभिन्न पारंपरिक अस्त्र शस्त्रों के माध्यम से सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए चल रहे थे और यह तमाम युवा उक्त अस्त्र शस्त्रों से अपने शरीर पर भी इमाम हुसैन की याद में चोटें कर रहे थे। जुलूस में मुस्लिम समाज के वृद्धों पुरुषों महिलाओं युवाओं के साथ हिंदू समाज के लोग भी ताजियों का जुलूस बड़ी ही तल्लीनता से देखते नजर आ रहे थे। इस ताजिया जुलूस के दौरान हिंदू व मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा जगह-जगह ताजिए में शामिल लोगों को शरबत मिठाइयां फल आदि भी वितरित किए गयें।

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