Sunday, January 25, 2026
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अयोध्या धाम में श्रीराम लला के जन्म स्थान के नव्य भव्य मंदिर के शिखर पर 25 नवंबर को होगा ध्वजारोहण।

श्री राम जन्मभूमि आन्दोलन के प्रारम्भिक काल से जुड़े सोनभद्र जिले के घोरावल के पास कोहरथा गांव में जन्मे श्री दिवाकर त्रिपाठी श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में सभी कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका का निर्वहन किए। 1989 प्रयागराज महाकुंभ में आयोजित धर्म संसद, श्री राम शिलापूजन,1990 की कार सेवा, श्री राम ज्योति पूजन, श्री राम चरण पादुका पूजन, 1991 के दिल्ली के वोट क्लब की ऐतिहासिक धर्म सभा, 6 दिसम्बर 1992 की कारसेवा जिसमें कलंकित ढांचा ध्वस्त हुआ था सहित सभी कार्यक्रमों सम्मिलित हुए। विश्व हिन्दू परिषद के विभिन्न दायित्व का निर्वहन करते हुए समीचीन पुर्वी उत्तर प्रदेश के सत्संग प्रमुख श्री दिवाकर जी श्री राम मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान के काशी प्रान्त के प्रमुख, 22 जनवरी 2024 के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के केन्द्रीय भण्डार प्रमुख रहे हैं। इस 25 नवंबर के ध्वजारोहण कार्यक्रम में भी अयोध्या में है।
उन्होंने बताया कि 25 नवम्बर 2025 (मंगलवार) को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि में ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया जाएगा।
ध्वजारोहण का अर्थ है—मंदिर के शिखर पर ध्वज को भूमि स्तर से अत्यंत श्रद्धा और विधिवत रूप से धीरे-धीरे ऊपर चढ़ाया जाना। यह ध्वज 190 फीट ऊँचे भव्य शिखर तक ले जाया जाएगा।
इस ऐतिहासिक और पावन अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र भाई मोदी जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान करेंगें। उक्त अवसर पर गांव गिरांव के मंदिरों के पुजारी, गिरिवासी वनवासी समाज के अगुआ, मुखिया, गिरिकन्दराओं में निवास करने वाले सन्त महात्मा सम्मिलित होंगे।
श्री दिवाकर जी द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 नवंबर 2025 को दर्शनार्थियों को मंदिर में दर्शन नहीं कराये जा सकेंगे। 24 नवंबर 2025 को रात के बाद ही दर्शन बंद हो जाएगा। यह आयोजन सभी देशवासी व संसार भर के लोग अपने अपने घर में बैठ कर देख सकेंगे, अयोध्या नगर में स्थान स्थान पर विकाश प्राधिकरण की और से सड़को पर बड़े बड़े पर्दे लगाये गये है , उन पर्दों पर ये आयोजन दिखाया जाएगा , न्यास की और से शहर में कुछ स्थानों पर कुछ स्क्रीन लगाई जायेगी। आयोजन देखा जा सकेगा संसार के लोग इस आयोजन को किसी भी चैनल पर देख सकते है , दूरदर्शन @ddnational सभी चैनलो को सीधे सीधे प्रेषित करायेगा। देशवासियों से निवेदन किया गया है कि अपने घर पर बैठकर इस कार्यक्रम का आनद लें। ये राष्ट्रीय गौरव का एक कार्यक्रम है कार्यक्रम का तात्पर्य है अब मंदिर के निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। सभी मंदिर निर्माण पूर्ण हैं अर्थात- मुख्य मंदिर, परकोटा के ६ मंदिर ( शिव, गणेश, हनुमान, सूर्य, भगवती, अन्नपूर्णा) शेषावतार मंदिर पूर्ण,, इन पर ध्वजदण्ड एवं कलश स्थापित। सप्त मण्डप (महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, शबरी एवं ऋषि पत्नी अहल्या ) निर्माण पूर्ण,, सन्त तुलसीदास मंदिर पूर्ण, जटायु, गिलहरी स्थापित।
जिन कार्यों का सीधा सम्बन्ध दर्शनार्थियों की
सुविधा से है अथवा व्यवस्था से है, वे सभी कार्य पूर्ण।
मानचित्र अनुसार सड़कें एवं फ्लोरिंग पर पत्थर लगाने का कार्य L&T द्वारा तथा भूमि सौन्दर्य हरियाली निर्माण लैंड स्केलिंग कार्य, १० एकड़ में पंचवटी निर्माण GMR द्वारा तीव्र गति से किए जा रहे हैं,वही कार्य अभी चल रहे हैं जिनका सम्बन्ध दर्शनार्थियों से नहीं है जैसे चारदीवारी ( बाउण्ड्री ३.५ किलोमीटर लम्बी), ट्रस्ट ऑफ़िस, अतिथि गृह, सभागार ।
इससे देश व दुनिया भर का रामभक्त प्रफुल्लित व गौरवान्वित हैं। सम्पूर्ण हिन्दू समाज से आग्रह है कि अपने गांव के मंदिरों पर धार्मिक आयोजन व पूजा अर्चना करें।

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