गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले कोलंबिया के छात्र जुआन कैमिलो तावेरा मेलिनो का प्रवेश नियमों के अनुरूप दस्तावेज न पाए जाने के बाद रद्द कर दिया गया। छात्र ने जुलाई में राजनीति विज्ञान विभाग के सर्टिफिकेट कोर्स इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट में ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किया था।
विभागीय स्तर पर आवेदन स्वीकार किए जाने के बाद छात्र ने निर्धारित प्रवेश शुल्क भी जमा कर दिया था। इसके बाद प्रवेश से संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के लिए मामला विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय सेल को भेजा गया।
दस्तावेजों की जांच में सामने आईं कमियां
अंतरराष्ट्रीय सेल द्वारा दस्तावेजों की जांच के दौरान छात्र की शैक्षिक योग्यता और वीजा से संबंधित स्थिति की पड़ताल की गई। जांच के दौरान प्रवेश की निर्धारित शर्तों से जुड़ी कुछ कमियां सामने आईं।
इन कमियों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र के प्रवेश को आगे जारी रखने के बजाय उसे रद्द करने का निर्णय लिया। विश्वविद्यालय स्तर पर अब इस मामले की प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पहले विभाग ने स्वीकार किया था आवेदन
जानकारी के मुताबिक, छात्र ने जुलाई में ऑनलाइन आवेदन किया था। विभागीय स्तर पर आवेदन की प्रारंभिक जांच के बाद उसे स्वीकार कर लिया गया और छात्र ने प्रवेश शुल्क भी जमा कर दिया।
हालांकि, विदेशी विद्यार्थियों से संबंधित मामलों में अंतिम स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत मामला अंतरराष्ट्रीय सेल को भेजा गया था।
विदेशी छात्रों के प्रवेश की प्रक्रिया पर सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विदेशी छात्रों के लिए शैक्षिक योग्यता के साथ-साथ पासपोर्ट, वीजा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन महत्वपूर्ण होता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मामले में नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश में विभागीय स्तर की प्रारंभिक प्रक्रिया के साथ अंतिम दस्तावेज सत्यापन कितना महत्वपूर्ण है।

