लखनऊ। बलिया की सात वर्षीय दिव्यांग छात्रा रागिनी की मुश्किलों की खबर सामने आने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उससे मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। रागिनी कुछ समय पहले उस समय चर्चा में आई थी, जब उसका वीडियो सामने आया था, जिसमें वह एक पैर के सहारे कूदते हुए स्कूल जाती दिखाई दी थी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान रागिनी के माता-पिता और बांसडीह विधायक केतकी सिंह भी मौजूद रहे। सीएम योगी ने बच्ची से बातचीत कर उसकी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी, पढ़ाई और परिवार की जरूरतों के बारे में जानकारी ली।
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने की तत्काल मदद
रागिनी बलिया के मनियर ब्लॉक की दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव की रहने वाली है और प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक की छात्रा है। उसका घर स्कूल से करीब 400 मीटर दूर है। पैर में परेशानी के बावजूद वह पढ़ाई जारी रखने के लिए एक पैर के सहारे स्कूल पहुंचती थी।
रागिनी की परेशानी का वीडियो सामने आने के बाद बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह उसके गांव पहुंचे थे। प्रशासन की ओर से उसे स्कूल आने-जाने के लिए ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गईं। गांव की खराब सड़क को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इलाज का खर्च उठाने का भरोसा
रागिनी की मां बबिता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाने और ऑपरेशन की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है। परिवार की ओर से मुख्यमंत्री को अब तक मिली मदद के लिए धन्यवाद भी दिया गया।
इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रागिनी की चिकित्सकीय जांच कराई थी। बेहतर उपचार के लिए उसे उच्च चिकित्सा केंद्र भेजे जाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी।
पढ़ाई जारी रखने में भी मिलेगी मदद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रागिनी की शिक्षा को लेकर भी परिवार को भरोसा दिया। सरकार की ओर से बच्ची की पढ़ाई में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
रागिनी के लिए स्कूल तक पहुंचना रोजाना बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन शारीरिक परेशानी के बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी। प्रशासन की ओर से पहले ही उसे पढ़ाई की सामग्री और आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जा चुके हैं।
परिवार के लिए आवास की व्यवस्था पर भी आश्वासन
मुख्यमंत्री ने रागिनी के परिवार की परिस्थितियों की जानकारी लेने के बाद आवास की व्यवस्था में भी मदद का भरोसा दिया है। इसके अलावा घर के आसपास की खराब सड़क को दुरुस्त कराने की बात भी सामने आई है।
मदद मिलने से परिवार में जगी उम्मीद
रागिनी के परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन का आभार जताया है। परिवार को उम्मीद है कि बेहतर इलाज मिलने के बाद रागिनी की स्वास्थ्य संबंधी समस्या में सुधार होगा और वह आगे बिना परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगी।
रागिनी की कहानी ने यह भी दिखाया है कि आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद बच्चों में शिक्षा हासिल करने की इच्छा कितनी मजबूत हो सकती है। अब प्रशासन और सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग से उसके परिवार को आगे की राह आसान होने की उम्मीद है।



