घाटमपुर, कानपुर नगर। तहसील क्षेत्र के भदरस गांव में स्थित 150 वर्ष से अधिक पुराना श्री राधा-कृष्ण मंदिर वर्तमान में जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखने वाले इस प्राचीन मंदिर की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मंदिर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार की दिशा में जल्द कदम उठाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर लंबे समय से गांव की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। समय के साथ समुचित रखरखाव के अभाव में मंदिर की स्थिति खराब होती गई। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी पुरानी धरोहर होने के बावजूद इसके संरक्षण और जीर्णोद्धार की दिशा में अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
अष्टधातु की प्राचीन प्रतिमा को लेकर भी चर्चा
मंदिर से जुड़ी राधा जी की प्राचीन अष्टधातु प्रतिमा के संग्रहालय में रखे होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में स्थानीय स्तर पर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रतिमा के संबंध में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
कृष्णा बाजपेई ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से श्री राधा-कृष्ण मंदिर का स्थलीय निरीक्षण कराकर उसकी वास्तविक स्थिति का आकलन कराने तथा संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने मंदिर से संबंधित प्राचीन अष्टधातु प्रतिमा के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए धरोहर बचाने की अपील
कृष्णा बाजपेई ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण केवल वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति भी हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि भदरस गांव की वर्षों पुरानी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर की जर्जर स्थिति को देखते हुए संबंधित विभाग को जल्द स्थलीय निरीक्षण कराकर आवश्यक तकनीकी जांच करानी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मंदिर के संरक्षण, जीर्णोद्धार और प्राचीन प्रतिमा से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

