हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को रोजगार और बेरोजगारी का मुद्दा प्रमुखता से उठने की संभावना है। सोमवार को इस विषय पर हुई चर्चा के दौरान भाजपा विधायकों ने कांग्रेस सरकार की चुनावी गारंटियों, युवाओं को रोजगार देने के वादे और आउटसोर्स भर्ती को लेकर सवाल खड़े किए। अब मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू विपक्ष के आरोपों का जवाब देंगे।
रोजगार के आंकड़ों पर सरकार से सवाल
सोमवार को विधानसभा में चर्चा के दौरान भाजपा विधायकों ने सरकार से युवाओं को रोजगार देने के वादे को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान एक लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन सरकार इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं कर सकी है।
भाजपा विधायकों ने सरकार की ओर से बताए गए करीब 23 हजार रोजगार के आंकड़े पर भी सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि इस आंकड़े में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या अधिक है और इसे नियमित सरकारी रोजगार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
मंगलवार को भी जारी रहेगी चर्चा
रोजगार और बेरोजगारी के मुद्दे पर मंगलवार को भी विधानसभा में चर्चा जारी रहने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों और आरोपों का जवाब देंगे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सरकार की ओर से युवाओं के लिए किए गए रोजगार संबंधी प्रयासों और अब तक की उपलब्धियों का ब्योरा सदन में रख सकते हैं।
सत्र के दौरान रोजगार के अलावा सरकार की चुनावी गारंटियों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे भी राजनीतिक बहस का केंद्र बने हुए हैं।
छह अहम संशोधन विधेयक होंगे पेश
मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही में रोजगार संबंधी चर्चा के साथ-साथ छह संशोधन विधेयक भी पेश किए जाने हैं। इन विधेयकों के जरिए अलग-अलग कानूनों में आवश्यक संशोधन प्रस्तावित किए जाएंगे।
मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल रही है। ऐसे में मंगलवार की कार्यवाही में मुख्यमंत्री के जवाब और प्रस्तावित विधेयकों पर सदन की चर्चा पर सभी की नजर रहेगी।

