कौशाम्बी: पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, 11 की मौत; आठ बच्चे शामिल, पांच घायल

मनौरी बाजार में धमाकों से मची दहशत, कई मकान हुए क्षतिग्रस्त; मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

कौशाम्बी। उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के मनौरी बाजार में सोमवार को पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। पिपरी थाना क्षेत्र में दोपहर करीब 12 बजे फैक्टरी में अचानक आग लगने के बाद एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच घायलों का प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतकों में आठ बच्चे शामिल बताए गए हैं।

धमाकों से कई किलोमीटर तक गूंजी आवाज

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद फैक्टरी में रखे पटाखों में लगातार धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। कुछ ही देर में पूरा इलाका धुएं के गुबार से भर गया। विस्फोट की चपेट में आने से फैक्टरी की इमारत पूरी तरह तबाह हो गई, जबकि आसपास के कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव अभियान चलाया गया। घायलों को इलाज के लिए प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल भेजा गया।

आठ बच्चों समेत 11 की मौत

अधिकारियों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल 11 लोगों को एसआरएन अस्पताल भेजा गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पांच अन्य घायलों का इलाज जारी है। अस्पताल में भर्ती कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।

हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। परिजन अपनों की तलाश में अस्पताल और घटनास्थल के बीच भटकते रहे।

फैक्टरी का लाइसेंस 2024 में हो चुका था रद्द

इस हादसे के बाद पटाखा फैक्टरी के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन के मुताबिक, फैक्टरी का लाइसेंस वर्ष 2024 में ही रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद वहां पटाखों का निर्माण और भंडारण कैसे जारी रहा, इसकी जांच की जा रही है।

प्रशासन ने फैक्टरी से जुड़े एक गोदाम को भी ध्वस्त कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से करीब 400 मीटर दूर स्थित गोदाम में पटाखों का भंडारण किया जा रहा था।

मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

हादसे के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की थीं। 1 सितंबर की सुबह करीब चार बजे पुलिस को मुख्य आरोपी नौशाद के भागने की सूचना मिली। पुलिस के अनुसार, चरवा थाना क्षेत्र में घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस के मुताबिक, मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। हादसे के संबंध में फैक्टरी मालिक समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

लापरवाही पर पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई

घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, फैक्टरी के संचालन से संबंधित सूचना दर्ज नहीं कराने और लापरवाही के आरोप में कुछ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर तथा कुछ को निलंबित किया गया है।

प्रशासन की कार्रवाई तेज

हादसे के बाद प्रशासन ने अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि लाइसेंस रद्द होने के बावजूद फैक्टरी का संचालन कैसे होता रहा।

मनौरी बाजार में हुए इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण से जुड़े सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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