आगामी वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपन्न करने के लिए आज ही निर्धारित पौधशाला से सभी संबंधित पौध उठाना करें सुनिश्चित।

वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए नगरीय क्षेत्र तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित जल भराव के स्थान को चिन्हित कर साफ- सफाई के साथ-साथ जल निकासी हेतु पम्पसेट आदि की व्यवस्था रखें तैयार।

मिशन समाधान के तहत पूर्व की भांति खंड विकास अधिकारी स्वयं व अपने अधीनस्थों को भी संबंधित क्षेत्र में ड्यूटी निर्धारित करते हुए पहुंचना करें सुनिश्चित।

जूम मीटिंग के माध्यम से प्राप्त संदर्भों का निर्धारित समय से दो दिन पूर्व संतुष्टि पूर्ण निस्तारण करें सुनिश्चित जिससे अपलोड करने के पूर्व हो सके गुणवत्तापूर्ण समीक्षा।

औरैया – अपर जिलाधिकारी (वि0 /रा0) महेन्द्र पाल सिंह ने विभिन्न योजनाओं /कार्यक्रमों सहित विभिन्न माध्यम से प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों की जूम मीटिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए सभी संबंधितों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी-अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए गड्ढा खुदाई, सुरक्षा, सिंचाई आदि की व्यवस्था के साथ-साथ नामित पौधशालाओं से आज ही पौध उठान सुनिश्चित करते हुए अवगत करायें और वृक्षारोपण का कार्य भी प्रारंभ करें, पौध उठान में देरी पर मनचाही पौध नहीं मिल पाती है और वृक्षारोपण भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी के एक पौध मां के नाम अभियान के लिए बैनर, पोस्टर तथा पट्टिकायें भी तैयार कराएं।


अपर जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/ नगर पंचायत तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए साफ- सफाई दुरुस्त रखी जाए जिससे जल भराव की स्थिति उत्पन्न न हो साथ ही संभावित जल भराव के स्थान को चिन्हित कर जल निकासी हेतु पम्पसेट आदि की व्यवस्था पूर्व से ही रखी जाए जिससे जल भराव होने पर पानी निकासी का कार्य किया जा सके और जल भराव से आमजन को होने वाली परेशानी से बचाया जा सके। उन्होंने समीक्षा के दौरान खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह मिशन समाधान दिवस पर पूर्व की भांति स्वयं व अधीनस्थों की ड्यूटी सुनिश्चित कर निर्धारित स्थान पर पहुंचकर मामलों का उपस्थित रहकर निस्तारण करायें ताकि पुनः उसी क्षेत्र में लंबित मामलों के निस्तारण हेतु जाने की आवश्यकता न रहे।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिला ग्रुप /जूम मीटिंग के माध्यम से प्राप्त होने वाले प्रकरणों/ संदर्भों का निस्तारण डिफॉल्ट होने की तिथि से 02 दिन पूर्व ही संतुष्टि पूर्ण निस्तारण करते हुए समीक्षा भी कर लें जिससे कोई कमी रहने के कारण निस्तारण का मामला असंतुष्ट की स्थिति में रह जाए और उसका प्रतिकूल प्रभाव जनपद की रैंकिंग में पड़े। उन्होंने कहा कि इसके लिए निस्तारण की पूरी प्रक्रिया का विभागाध्यक्ष स्वयं अवलोकन करते हुए निस्तारण आख्या पर स्वयं हस्ताक्षर करें। अपर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों व अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद/ नगर पंचायत को यह भी निर्देश दिए कि गौवंश संरक्षण अभियान के तहत जो भी छुट्टा/ आवारा गौवंश अभी पकड़े जाने से शेष रह गए हैं उनका भी संज्ञान लेते हुए आगामी दो दिवस में पकड़वाते हुए गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित कराना सुनिश्चित करें।

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