कानपुर। गुजैनी के रामगोपाल चौराहे के पास स्थित कच्ची बस्ती में कथित धर्मांतरण के दबाव और मारपीट का मामला सामने आने के बाद मुख्य आरोपी शमीम को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शमीम लंबे समय से बस्ती में दबदबा बनाए हुए था और खुद को इलाके का प्रभावशाली व्यक्ति बताता था। आरोप है कि उसकी दबंगई से परेशान होकर कुछ परिवारों को बस्ती छोड़कर जाना पड़ा।
ग्रीन बेल्ट की जमीन पर कब्जे का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, शमीम करीब सात-आठ साल पहले बस्ती में आया था। इसके बाद हाईटेंशन लाइन के नीचे स्थित ग्रीन बेल्ट की जमीन पर कब्जा कर वहां झोपड़ियां बसाने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन झोपड़ियों में अपने परिचितों और रिश्तेदारों के करीब 25 परिवारों को बसाया गया।
आरोप यह भी है कि कुछ झोपड़ियां गरीब परिवारों को किराये पर दी गईं और कुछ जमीन कथित तौर पर रकम लेकर लोगों को दी गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से होना बाकी है।
किराये और धर्मांतरण को लेकर भी लगाए आरोप
बस्ती के कुछ निवासियों ने आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से किराया लिया जाता था। किराया देने में असमर्थ लोगों पर कथित तौर पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता था। स्थानीय लोगों ने पुलिस को ऐसे कई आरोप बताए हैं।
एक परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें परेशान करने के लिए घर के बाहर आपत्तिजनक चीजें फेंकी गईं और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। कथित उत्पीड़न से परेशान होकर परिवार के बस्ती छोड़ने की बात भी सामने आई है। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
सोनू जाटव के परिवार से मारपीट के बाद खुला मामला
मामला तब सामने आया जब गुजैनी की कच्ची बस्ती में रहने वाले ई-रिक्शा चालक सोनू जाटव और उसके परिवार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई। परिवार ने धर्मांतरण के दबाव और घर में बनाई गई मजार को हटाने की बात कहने के बाद हमला किए जाने का आरोप लगाया था।
घटना के बाद विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज की।
शमीम समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने सोनू जाटव की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने के बाद मुख्य आरोपी शमीम, उसके बेटे शीबू, अरमान, अरसलान और अमिर खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार, धर्मांतरण के दबाव से जुड़े आरोपों की जांच में संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
बस्ती में पुलिस तैनात, एलआईयू भी सक्रिय
घटना के बाद बस्ती में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। एलआईयू की टीम भी स्थानीय लोगों से जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह के नए विवाद को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

