बच्चा देर से बोल रहा है और Eye Contact भी कम है? इसे नजरअंदाज न करें, जानें कब विशेषज्ञ से लें सलाह

हर बच्चे के विकास की गति अलग होती है। कुछ बच्चे जल्दी बोलना शुरू कर देते हैं, जबकि कुछ बच्चों को नए शब्द सीखने और बोलने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। लेकिन अगर बोलने में देरी के साथ बच्चे के सामाजिक संपर्क या व्यवहार में भी कुछ बदलाव दिखाई दें, तो माता-पिता को इसे केवल उम्र के साथ ठीक होने वाली बात मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कम आई कॉन्टैक्ट, नाम पुकारने पर बार-बार प्रतिक्रिया न देना या बातचीत और इशारों में कम रुचि जैसे संकेतों पर बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, इनमें से किसी एक संकेत का होना अपने आप में किसी बीमारी या विकास संबंधी विकार की पुष्टि नहीं करता।

बच्चे के देर से बोलने की कई वजहें हो सकती हैं

बच्चे के भाषा विकास में देरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ बच्चों में भाषा सीखने की गति स्वाभाविक रूप से थोड़ी धीमी होती है। वहीं सुनने में परेशानी, भाषा से जुड़े विकास में देरी या अन्य विकास संबंधी कारण भी इसकी वजह हो सकते हैं।

इसीलिए केवल यह देखकर कि बच्चा देर से बोल रहा है, किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।

इन संकेतों पर रखें विशेष नजर

अगर बोलने में देरी के साथ निम्न संकेत लगातार दिखाई दें, तो विशेषज्ञ से चर्चा करना बेहतर है—

  • नाम पुकारने पर बच्चा बार-बार प्रतिक्रिया न दे।
  • आंखों से संपर्क बहुत कम या असामान्य रूप से सीमित हो।
  • अपनी जरूरत बताने के लिए इशारों का इस्तेमाल बहुत कम करे।
  • दूसरे लोगों के साथ खेलने या बातचीत करने में कम रुचि दिखाए।
  • पहले सीखी हुई भाषा या सामाजिक कौशल में कमी दिखाई दे।
  • किसी वस्तु या गतिविधि में असामान्य रूप से बहुत अधिक रुचि दिखाई दे।
  • हाथ फड़फड़ाने या शरीर को बार-बार एक ही तरह से हिलाने जैसे दोहराव वाले व्यवहार दिखाई दें।
  • आवाज, रोशनी, स्पर्श या अन्य संवेदनाओं के प्रति असामान्य संवेदनशीलता नजर आए।

इन संकेतों की मौजूदगी का मतलब यह नहीं है कि बच्चे को निश्चित रूप से ऑटिज्म या कोई अन्य विकार है। सही आकलन बच्चे के पूरे विकास और व्यवहार को देखकर ही किया जा सकता है।

सुनने की क्षमता की जांच भी जरूरी

कई बार बच्चा बोल नहीं रहा होता, लेकिन समस्या भाषा सीखने के बजाय सुनने से जुड़ी हो सकती है। इसलिए अगर बच्चा नाम पुकारने पर प्रतिक्रिया नहीं देता या आवाजों पर कम प्रतिक्रिया करता है, तो डॉक्टर जरूरत पड़ने पर Hearing Test की सलाह दे सकते हैं।

समय पर सुनने और विकास संबंधी जांच कराने से सही कारण समझने में मदद मिल सकती है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर माता-पिता को बच्चे के बोलने, समझने, सुनने या सामाजिक व्यवहार को लेकर लगातार चिंता है, तो इंतजार करने के बजाय बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) से बात करना बेहतर है।

जरूरत पड़ने पर डॉक्टर बच्चे के विकास का आकलन कर सकते हैं और Speech-Language Therapist, Audiologist या Developmental Specialist जैसे विशेषज्ञों के पास भेज सकते हैं।

जल्दी मदद मिलने से क्या फायदा?

अगर बच्चे को भाषा या विकास से जुड़ी किसी परेशानी में अतिरिक्त सहायता की जरूरत है, तो जल्दी पहचान और समय पर उचित हस्तक्षेप उसके संचार और सीखने के कौशल को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

माता-पिता बच्चे से लगातार बातचीत करें, कहानी पढ़ें, उसके साथ खेलें, उसकी बात और इशारों पर प्रतिक्रिया दें और स्क्रीन टाइम को सीमित रखने पर ध्यान दें। बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों से करने के बजाय उसके अपने विकास पर नजर रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

माता-पिता क्या याद रखें?

हर देर से बोलने वाला बच्चा विकास संबंधी विकार से प्रभावित नहीं होता। लेकिन अगर बोलने में देरी के साथ सामाजिक संपर्क, प्रतिक्रिया या व्यवहार से जुड़े कई संकेत भी दिखाई दे रहे हैं, तो विशेषज्ञ से सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

समय पर जांच का उद्देश्य बच्चे पर कोई लेबल लगाना नहीं, बल्कि अगर उसे अतिरिक्त सहायता की जरूरत है तो उसे सही समय पर उपलब्ध कराना है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles