डायबिटीज को लेकर लोगों के बीच कई तरह की धारणाएं हैं। इनमें एक आम सवाल यह है कि क्या सफेद चीनी खाने से सीधे डायबिटीज हो जाती है? अक्सर लोग मानते हैं कि चाय, मिठाई या चीनी खाने से ही ब्लड शुगर की बीमारी होती है। हालांकि, मामला इतना सीधा नहीं है।
डायबिटीज, खासकर टाइप-2 डायबिटीज, एक जटिल बीमारी है, जिसका संबंध शरीर की इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया, आनुवंशिकता, वजन, शारीरिक गतिविधि और खान-पान सहित कई कारकों से होता है। इसलिए केवल सफेद चीनी को डायबिटीज का एकमात्र कारण मानना सही नहीं है।
क्या सिर्फ चीनी खाने से डायबिटीज होती है?
नहीं, केवल सफेद चीनी खाने से किसी व्यक्ति को सीधे डायबिटीज होने की बात सही नहीं है। लेकिन भोजन में लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा अतिरिक्त चीनी और कैलोरी का सेवन वजन बढ़ने में योगदान दे सकता है। अधिक वजन और मोटापा टाइप-2 डायबिटीज के महत्वपूर्ण जोखिम कारकों में शामिल हैं।
यानी समस्या सिर्फ चीनी की एक चम्मच तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति की पूरी डाइट, कैलोरी सेवन और जीवनशैली भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मीठे पेय क्यों हो सकते हैं ज्यादा चिंता की वजह?
सॉफ्ट ड्रिंक, मीठे पैकेज्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक और अन्य मीठे पेय में काफी मात्रा में फ्री/एडेड शुगर हो सकती है। इन्हें नियमित रूप से ज्यादा मात्रा में पीने से अतिरिक्त कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है।
इसलिए विशेषज्ञ आमतौर पर मीठे पेय की जगह पानी या बिना चीनी वाले पेय को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।
डायबिटीज का खतरा किन लोगों में ज्यादा हो सकता है?
टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम कई कारणों से बढ़ सकता है। इनमें प्रमुख हैं—
- परिवार में डायबिटीज का इतिहास
- अधिक वजन या मोटापा
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- असंतुलित खान-पान
- लंबे समय तक अधिक कैलोरी का सेवन
- बढ़ती उम्र
- पहले से प्री-डायबिटीज होना
हर व्यक्ति में जोखिम समान नहीं होता और किसी एक खाद्य पदार्थ को बीमारी का अकेला कारण नहीं माना जा सकता।
क्या चीनी पूरी तरह बंद कर देनी चाहिए?
स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी अतिरिक्त चीनी का सेवन सीमित रखना बेहतर माना जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को अपनी डाइट से हर तरह की प्राकृतिक मिठास या कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए।
फल, दूध और अन्य प्राकृतिक खाद्य पदार्थों में मौजूद शर्करा और खाद्य पदार्थों में ऊपर से मिलाई गई अतिरिक्त चीनी एक जैसी नहीं होती। इसलिए डाइट का मूल्यांकन पूरे भोजन के संदर्भ में करना जरूरी है।
डायबिटीज से बचाव के लिए क्या करें?
टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ वजन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। खाने में सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करना और अत्यधिक मीठे पेय व अतिरिक्त चीनी का सेवन सीमित करना मददगार हो सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को लगातार ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, बिना कारण वजन कम होना या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड ग्लूकोज की जांच करानी चाहिए।
निष्कर्ष
सफेद चीनी अकेले डायबिटीज की वजह नहीं है, लेकिन लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में अतिरिक्त चीनी और कैलोरी का सेवन, खासकर मीठे पेय के रूप में, वजन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम में योगदान कर सकता है।
इसलिए डायबिटीज से बचाव का सबसे बेहतर तरीका केवल चीनी को दोष देने के बजाय पूरी डाइट, वजन, शारीरिक गतिविधि और जीवनशैली पर ध्यान देना है।


