31 अगस्त 2026, सोमवार को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति में बदलाव देखने को मिल रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार चंद्रमा मीन राशि में रेवती नक्षत्र से गुजर रहे हैं। वहीं, इसी नक्षत्र में शनि देव पहले से वक्री अवस्था में मौजूद हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों की स्थिति को ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चंद्रमा और शनि की यह नजदीकी युति कुछ राशियों के लिए मानसिक दबाव, कामकाज में रुकावट या निर्णय लेने में असमंजस जैसी स्थितियों का संकेत दे सकती है। वहीं कुछ राशि के जातकों के लिए यह समय योजनाओं पर गंभीरता से काम करने और लंबित कार्यों को पूरा करने के लिहाज से अनुकूल माना जा सकता है।
इन राशियों को रहना होगा सतर्क
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा-शनि की युति का प्रभाव कुछ राशियों पर अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण रह सकता है। इन राशि के जातकों को आज जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने, अनावश्यक तनाव से दूर रहने और महत्वपूर्ण कार्यों में धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
सिंह समेत इन राशियों को मिल सकता है लाभ
वहीं, कुछ राशि के जातकों के लिए ग्रहों की यह स्थिति सकारात्मक परिणाम देने वाली मानी जा रही है। विशेष रूप से सिंह राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने, योजनाओं को गति देने और रुके हुए काम पूरे होने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभकारी हो सकते हैं।
रेवती नक्षत्र में चंद्रमा का प्रभाव
ज्योतिष में रेवती को 27 नक्षत्रों में अंतिम नक्षत्र माना जाता है। चंद्रमा का इस नक्षत्र में गोचर यात्रा, योजनाओं को पूरा करने और नई दिशा में आगे बढ़ने से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, चंद्रमा के साथ शनि की निकटता के कारण भावनात्मक स्तर पर गंभीरता और जिम्मेदारियों का एहसास बढ़ सकता है।

